*👉🏻 प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ़ शिवसेना हिंद ने खोला मोर्चा, महामारी के दौरान अभिभावकों को किताबें व अन्य सामान लेने के लिए डाल रहे थे दबाव* *👉🏻 इन स्कूलों के खिलाफ कारवाई के लिए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, एजुकेशन मिनिस्टर,डीजीपी पंजाब के नाम पुलिस कमिश्नर को दी शिकायत* *👉🏻 इस खबर संबंधी पूरी जानकारी हासिल करने के लिए नीचे दिए गए हैडलाइन एक्सप्रेस के लिंक को क्लिक करें 👇🏻*
जालंधर, 17 मई 2020-(प्रदीप भल्ला)- कोरोनावायरस के चलते पंजाब में लगाए गए कर्फ्यू के दौरान भी कुछ निजी स्कूलों द्वारा बच्चों के अभिभावकों पर किताबें खरीदने, स्कूल फीस देने और यूनिफॉर्म लेने के लिए दबाव डाला गया।
जबकि पंजाब के शिक्षा मंत्री द्वारा साफ तौर पर यह आदेश दिए गए थे कि कोई भी सरकारी व निजी स्कूल इस महामारी के दौर में बच्चों से फीस, किताबें व अन्य सामान खरीदने का दबाव नहीं बना सकते। अगर कोई स्कूल ऐसा करता है तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन इन सबके बावजूद भी कुछ निजी स्कूलों द्वारा बच्चों के अभिभावकों पर किताबें, स्कूल फीस देने व अन्य सामान खरीदने के लिए दबाव बनाया गया। जिसकी ऑडियो और वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो चुकी है। इसी बात का संज्ञान लेते हुए शिवसेना हिंद के युवा राष्ट्रीय प्रधान ईशांत शर्मा ने कुछ निजी स्कूलों के खिलाफ माननीय प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री पंजाब, शिक्षा मंत्री और डीजीपी पंजाब के नाम एक शिकायत पत्र पुलिस कमिश्नर जलंधर को भेजा है। जिसमें उन्होंने इन स्कूलों द्वारा अभिभावकों को दबाव बनाकर फीस देने, किताबें और यूनिफार्म खरीदने के बारे में लिखा गया है।
ईशांत शर्मा ने मांग की है कि इन स्कूलों पर सख्त कार्रवाई कर उनका लाइसेंस रद्द किया जाए। इशांत शर्मा ने कहा है कि ऐसे ही लोग शिक्षा जैसे पवित्र कार्य को बिजनेस बना कर बैठ गए हैं और अपना धंधा चला रहे हैं। इशांत शर्मा ने कहा कि इन लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए नहीं तो शिवसेना हिंद लॉक डाउन के बाद इन स्कूलों के खिलाफ मोर्चा खोलेगी।
