👉🏻 डॉ. बरजिंदर सिंह हमदर्द ने जंग-ए-आजादी यादगार के दोनों पदों से दिया इस्तीफा, डॉ. हमदर्द की छवि को धूमिल करने के लिए “आप” सरकार अपना रही थी गलत हथकंडे

जालंधर, 10 अप्रैल 2023-(प्रदीप भल्ला)- जंग-ए-आजादी यादगार फाउंडेशन के सदस्य-सचिव व यादगार की मैनेजिंग कमेटी के प्रधान डॉ. बरजिंदर सिंह हमदर्द ने अपने दोनों पदों से आज इस्तीफा दे दिया। भगवंत मान की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा डॉ. हमदर्द पर दबाव बनाने हेतु और उनकी साफ़ छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से जंग-ए-आजादी यादगार पर विजिलेंस और सरकारी अधिकारियों को जांच के नाम पर भेजा जा रहा है ताकि डॉ. बरजिंदर सिंह हमदर्द पर दबाव बनाया जा सके ताकि अपनी चाची की आवाज को जनता तक ना पहुंचाएं।
लेकिन डॉ. हमदर्द ऐसे हथकंडों से ना कभी झुके हैं और ना कभी झुकेंगे। गौरतलब है कि साल 2012 में उस समय के पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार प्रकाश सिंह बादल ने डॉ. हमदर्द को पंजाब की जनता के लिए जंग-ए-आजादी यादगार का निर्माण करवाने की जिम्मेदारी संभालने के लिए कहा था ताकि जनता को शहीदों की शहादत के बारे में पता चल सके। जिसके बाद डॉ. हमदर्द ने अपने कीमती समय में से 10 साल इस यादगार को समर्पित कर दिए। इस यादगार का एक पड़ाव पूरा होने के बाद जब सरकार बदली तो दूसरे पड़ाव का निर्माण भी हुआ जिसका उद्घाटन उस समय के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किया और इस यादगार को और बेहतर बनाने के लिए डॉ. हमदर्द की जिम्मेदारी लगा दी।
उसके बाद इस यादगार का तीसरा पड़ाव भी पूरा हो गया जिसकी प्रशंसा मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने की और साथ ही डॉ. हमदर्द का धन्यवाद किया कि उन्होंने अपने कीमती समय में से समय निकालकर इस यादगार का निर्माण करवाया। इस यादगार का ऑडिट भी हर साल होता है ताकि हिसाब किताब में पारदर्शिता रहे। मगर जब सरकार बदली और मुख्यमंत्री पंजाब सरदार भगवंत सिंह मान बन गए तो उन्होंने डॉ.हमदर्द की छवि को धूमिल करने की नियत से विजिलेंस विभाग और अपने अधिकारियों को जंग-ए-आजादी यादगार की जांच करने के लिए भेज दिया ताकि डॉ. हमदर्द पर दबाव बने और वह अपनी सत्य की आवाज को लोगों तक ना पहुंचा सके। इसके अलावा भगवंत मान ने अजीत प्रकाशन समूह के सरकारी विज्ञापन भी बंद कर दिए ताकि डॉ. बरजिंदर सिंह हमदर्द पर दबाव बन जाए, लेकिन ऐसे हथकंडे अपनाने के बाद भी डॉ. हमदर्द झुके नहीं। इसी कारण उन्होंने आज जंग-ए-आजादी यादगार के अपने दोनों पदों से इस्तीफा दे दिया। इस निर्णय के कारण आम आदमी पार्टी की सरकार की हर तरफ किरकिरी हो रही है। पंजाब की जनता हमेशा से ही डॉ. बरजिंदर सिंह हमदर्द के साथ रही है क्योंकि उन्होंने हमेशा से ही पंजाब और पंजाबियत को सबसे ऊपर रखा है। पंजाब और पंजाबियत के खिलाफ वह कभी नहीं गए और ना ही जाएंगे।