पंजाब के बरनाला में सफ़ाई कर्मियों पर हुए लाठीचार्ज के बाद जहां पंजाब को 27 तारीख को बंद किया गया था वहीं एससी नेताओं ने कहा था कि 30 तारीख को भी पंजाब बंद किया जाएगा पर इसी बीच जालंधर में भाजपा नेता विपन सभरवाल ने प्रेस वार्ता करके पंजाब बंद को लेकर स्थिति स्पष्ट की है उन्होंने कहा कि सफ़ाई कर्मियों के लिए समाज के लोगों की मीटिंग चल रही है फिलहाल पंजाब ओर जालंधर को 30 तारीख को बंद नहीं किया जाएगा.
संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने कहा कि कुछ संगठनों द्वारा 30 जुलाई को पंजाब बंद की खबरें प्रसारित की जा रही हैं, लेकिन जालंधर पहले ही 27 जुलाई को बंद का समर्थन कर अपना विरोध दर्ज करा चुका है। इसलिए शहर में दोबारा बंद का कोई कार्यक्रम नहीं रखा गया है। उन्होंने आम लोगों और व्यापारियों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें।
सरकार को चेतावनी
प्रदर्शनकारी संगठनों ने कहा कि बरनाला की घटना को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। उनका आरोप है कि संबंधित डीएसपी को न तो निलंबित किया गया और न ही उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को पूरे पंजाब में और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। उनका कहना है कि यह प्रदर्शन सरकार का ध्यान पीड़ित सफाई कर्मचारियों की ओर आकर्षित करने के लिए किया जा रहा है।
आर-पार की लड़ाई का ऐलान
सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के नेताओं ने कहा कि 27 जुलाई को जालंधर बंद रखकर सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी गई थी, लेकिन उसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ऐसे में अब आंदोलन को निर्णायक चरण में ले जाने का फैसला किया गया है।
उन्होंने कहा कि 30 जुलाई को जालंधर में सभी सामाजिक, धार्मिक और कर्मचारी संगठन एक मंच पर आकर शांतिपूर्ण लेकिन विशाल विरोध प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शन के माध्यम से सरकार से दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने, निलंबन की कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की जाएगी।
