रायपुर (हैडलाइन ब्यूरो) : छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में कर्ज चुकाने के लिए नकली नोटों का इस्तेमाल करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उनके पास से 12.5 लाख रुपये की फेस वैल्यू वाले जाली नोट बरामद किए हैं। उधार लेने वाले शख्स ने क्रेडिटर को नकली नोटों से भरा बैग थमाया था, जिसके बाद शक होने पर मामले का खुलासा हुआ।
कबीरधाम (कवर्धा) जिले से एक दिलचस्प और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक कर्जदार द्वारा उधार चुकाने के लिए नकली नोटों का इस्तेमाल करने का प्रयास भारी पड़ गया। इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने एक बड़े फर्जी करेंसी रैकेट गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 12.5 लाख रुपये की भारी-भरकम फेस वैल्यू वाले जाली नोट बरामद किए हैं
कैसे खुला जाली नोटों के इस कारोबार का राज?
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी घुरवा राम को अपने लेनदार दिनेश कुमार यादव को कर्ज चुकाना था। इसके लिए उसने दिनेश कुमार यादव को 9 अगस्त को कवर्धा के पोंडी गांव बुलाया था। तयशुदा योजना के मुताबिक, घुरवा राम के साथी सतीश कुमार ने दिनेश को 500-500 रुपये के जाली नोटों से भरा एक बैग थमा दिया। जब दिनेश ने उन नोटों को ध्यान से देखा तो उसे गड़बड़ी का अहसास हुआ और वह तुरंत सतर्क हो गया। इसके बाद, अगले ही दिन यानी 10 अगस्त को दिनेश ने थाने पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी।
जुलाई से छाप रहे थे नोट
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए जाल बिछाया और जांच शुरू की। पूछताछ के दौरान आरोपी सतीश कुमार ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि वह, घुरवा राम और उनका एक अन्य साथी रामप्रसाद मिलकर जुलाई महीने से ही नकली नोट छापने का अवैध धंधा चला रहे थे। ये लोग असली करेंसी नोटों को स्कैनर की मदद से स्कैन करते थे, फिर उनके रंगीन प्रिंट निकालकर बिल्कुल असली जैसे दिखने वाले नोटों को सही आकार में काटते थे।
कर्ज चुकाने के लिए 500 रुपये के नकली नोटों का किया गया इस्तेमाल।क्रेडिटर को शक होने पर उसने तुरंत पुलिस से संपर्क किया।
जुलाई महीने से स्कैनर और प्रिंटर की मदद से चल रहा था जाली नोट छापने का खेल।पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार।कुल 12.5 लाख रुपये के जाली नोट पुलिस ने किए बरामद।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी, आगे की जांच जारी
शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित दबिश देकर तीनों आरोपियों को धर दबोचा और उनके पास से कुल 12.5 लाख रुपये के नकली नोट जब्त किए। प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने अपने आर्थिक संकट या कर्ज से उबरने के लिए इस शॉर्टकट का रास्ता अपनाया था, लेकिन उनकी यह नासमझी उन्हें सीधे सलाखों के पीछे ले गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस रैकेट से जुड़े तार और कहां-कहां फैले हैं और क्या इन्होंने बाजार में पहले भी नकली नोट खपाए हैं
