बिहार सरकार ने सामाजिक समरसता और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक बड़ा निर्णय लिया है। रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि राज्य की अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग की महिलाओं के अंतरजातीय विवाह करने पर कुल ₹2,50,000 (ढाई लाख रुपये) की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
सरकार का कहना है कि इस पहल का मकसद अंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहित करना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। इससे पहले बिहार सरकार की ओर से अंतरजातीय विवाह पर एक लाख रुपये की सहायता दी जाती थी, जबकि केंद्र सरकार की ओर से सवा लाख रुपये की मदद मिलती है। अब राज्य सरकार की नई घोषणा के बाद इस योजना को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है। हालांकि, पात्रता और आवेदन की पूरी जानकारी के लिए आधिकारिक गाइडलाइन का इंतजार है।
पहले कितनी मिलती थी सहायता?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि बिहार में अंतरजातीय विवाह करने वाले दंपति को राज्य सरकार की ओर से पहले एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती थी। इसके अलावा केंद्र सरकार की तरफ से सवा लाख रुपये की मदद मिलती है। अब SC-ST वर्ग की महिला के अंतरजातीय विवाह करने पर बिहार सरकार ने राज्य की सहायता राशि बढ़ाकर ढाई लाख रुपये करने का ऐलान किया है। इस बदलाव से योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक मदद पहले के मुकाबले काफी बढ़ जाएगी।
किसे मिलेगा ढाई लाख रुपये का लाभ?
मुख्यमंत्री के ऐलान के मुताबिक, SC-ST वर्ग की महिला के अंतरजातीय विवाह करने पर बिहार सरकार की ओर से ढाई लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। हालांकि, इस लाभ के लिए कौन-कौन सी शर्तें पूरी करनी होंगी, यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। विवाह का पंजीकरण, जाति प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों को लेकर सरकार की विस्तृत गाइडलाइन सामने आ सकती है। इसलिए लाभ लेने के इच्छुक लोगों को आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करना होगा।
अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने की कोशिश सरकार की इस घोषणा को सामाजिक समरसता की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। अंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहित करने के पीछे सामाजिक भेदभाव और जातिगत दूरी को कम करने का उद्देश्य है। आर्थिक सहायता मिलने से ऐसे विवाह करने वाले दंपति को शुरुआती दौर में आर्थिक मदद भी मिल सकती है। सरकार का मानना है कि इस तरह की योजनाओं के जरिए समाज में समानता और आपसी मेल-जोल को बढ़ावा दिया जा सकता है।
महिलाओं के सशक्तीकरण पर भी जोर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को रोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में लगातार काम कर रही है। जीविका जैसी पहलों के जरिए महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में अंतरजातीय विवाह के लिए सहायता राशि बढ़ाने का फैसला भी महिलाओं और परिवारों को आर्थिक सहयोग देने वाली पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
