चंडीगढ़( हैडलाइन ब्यूरो) पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों का खामियाजा देश की जनता भुगत रही है। यदि गन्ने को बड़े पैमाने पर इथेनॉल उत्पादन की ओर मोड़ने से चीनी की उपलब्धता प्रभावित हुई है और महज 17 दिनों में चीनी के दाम करीब 20 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं, तो केंद्र सरकार को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
रंधावा ने कहा कि सरकार ने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को विदेशी मुद्रा बचाने का बड़ा समाधान बताया था, लेकिन आज हालात ऐसे बन गए हैं कि चीनी के आयात की चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि एक नीति के कारण दूसरी आवश्यक वस्तु महंगी हो जाए, तो यह नीति निर्माण में गंभीर चूक का संकेत है।
रंधावा ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह स्पष्ट करे कि इथेनॉल नीति का चीनी उत्पादन पर क्या प्रभाव पड़ा है, वर्तमान स्टॉक की वास्तविक स्थिति क्या है और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार क्या ठोस कदम उठा रही है। क्योंकि देश का आम परिवार पहले से ही रसोई गैस, खाद्य तेल, दालों और अन्य जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से जूझ रहा है। अब चीनी जैसी रोजमर्रा की जरूरत की वस्तु भी महंगी होने से हर घर का बजट प्रभावित होगा। जनता को महंगाई की मार झेलने के लिए मजबूर करना किसी भी जिम्मेदार सरकार के लिए उचित नहीं है।

