काठमांडू(हैडलाइन ब्यूरो )नेपाल में तिब्बत सीमा से सटे रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के मुताबिक, बाढ़ के बाद कुल 384 यात्रियों के लापता होने की पहचान हुई है। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। लापता विदेशी नागरिकों में 105 भारतीय बताए गए हैं। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं।
बुधवार सुबह भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ गया। कुछ ही समय में नदी का बहाव इतना तेज हो गया कि सीमावर्ती इलाकों में पुल, सड़कें और कई महत्वपूर्ण ढांचे प्रभावित हो गए। रसुवागढ़ी, स्याप्रुबेसी और तिमुरे क्षेत्र में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर बताया जा रहा है। अचानक आई बाढ़ के कारण कई इलाकों का संपर्क भी टूट गया है। स्थानीय प्रशासन ने नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।सात लोगों की मौत, सुरक्षाकर्मी भी लापता बाढ़ की इस घटना में अब तक सात लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। वहीं चीन सीमा के पास तैनात सुरक्षाकर्मियों समेत 28 जवानों से संपर्क नहीं हो पाया है। इनमें 19 नेपाल पुलिस और नौ आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) के जवान बताए गए हैं। बागमती प्रांत पुलिस कार्यालय के अनुसार, रसुवागढ़ी पुलिस पोस्ट पर तैनात 22 पुलिसकर्मियों में से 13 से संपर्क नहीं हो पाया है। स्याब्रूबेसी क्षेत्र में भी कई पुलिसकर्मी लापता बताए गए हैं। सुरक्षा बलों की टीमें प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान चला रही हैं।बाढ़ का असर रसुवागढ़ी सीमा शुल्क कार्यालय पर भी पड़ा है। गृह मंत्रालय के मुताबिक, कार्यालय के 14 कर्मचारी लापता बताए गए हैं। इनमें स्थायी और संविदा कर्मचारी शामिल हैं। बचाव दल इन कर्मचारियों की भी तलाश कर रहे हैं।
12 हेलीकॉप्टर राहत अभियान में जुटे
नेपाल सरकार ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। प्रभावित लोगों को निकालने के लिए नेपाली सेना के चार और निजी क्षेत्र के आठ हेलीकॉप्टर समेत कुल 12 हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं। धादिंग, नुवाकोट, रसुवा और चितवन के सुरक्षा बलों को भी अभियान में लगाया गया है। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने अधिकारियों को निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ के असामान्य रूप से बढ़े जलस्तर के कारणों की भी जांच की जा रही है और नेपाल सरकार ने इस संबंध में चीन के साथ समन्वय शुरू किया है।
