लखनऊ (हैडलाइन ब्यूरो) उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस टीम की ओर से चोरी और लूट जैसी घटनाओं में कार्रवाई करते हुए कई बार ऐसे शातिरों की गिरफ्तारी की जाती है, जिनके पीछे की कहानी जानकर हर कोई हैरान रह जाता है। ऐसी ही कर्रवाई एक बार फिर लखनऊ की क्राइम ब्रांच और एसओजी टीम ने की है।
टीम ने चारबाग रेलवे स्टेशन व आसपास सक्रिय एक ऐसे अंतरराज्यीय जेबकतरा और ठगी करने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसके तौर-तरीके और लाइफस्टाइल जानकर पुलिस अफसर भी दंग रह गए। पुलिस टीम के अनुसार, ये गैंग ट्रेनों और ई-रिक्शा में आम यात्रियों की जेब काटकर हर महीने करीब 20 लाख रुपये तक की काली कमाई करते थे। इतना ही नहीं, वारदातों को अंजाम देने के लिए गैंग के सदस्य एक शहर से दूसरे शहर जाने के लिए बाकायदा हवाई जहाज यानी फ्लाइट से यात्रा करते थे और महंगे किराए के फ्लैटों में ठाठ-बाट से रहते थे।
एसीपी ने दी जानकारी
ADCP क्राइम किरण यादव ने बताया कि 8 सितंबर को मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर SOG ने जाल बिछाकर गिरोह के मुख्य सरगना सहित 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। वहीं, इनके कब्जे से तीन मुकदमों से जुड़े 1.24 लाख रुपये नकद व एक स्कूटी बरामद की है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी किसी भी तरह के संदेह से बचने के लिए बाकायदा वैध प्लेटफॉर्म टिकट खरीदकर स्टेशनों पर प्रवेश करते थे। इसके बाद वे ट्रेनों के जनरल कोच और प्लेटफॉर्म पर यात्रियों के बीच बैठ जाते थे और जैसे ही भीड़भाड़ में यात्रियों का ध्यान भटकता, ब्लेड व सफाई से उनकी जेब से मोटी रकम व कीमती सामान पार कर देते थे। इतना ही नहीं, ये गैंग शहर में ऑटो व ई-रिक्शा में आम मुसाफिर बनकर बैठता था और रास्ते में सहयात्रियों की जेब साफ कर देता था।
महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली-यूपी तक जाल
गिरफ्तार आरोपियों में गैंग का मुख्य सरगना महाराष्ट्र के अहमदनगर का रहने वाला 35 वर्षीय संदीप सुधाकर तिजोरे है। उसके साथ नासिक का रहने वाला कुनाल विलास सिरसाठ, मुंबई का रहने वाला जावेद अख्तर, सोनभद्र का रहने वाला अरविंद गुप्ता और गोंडा निवासी सोनू जायसवाल को पकड़ा गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि गैंग का नेटवर्क महाराष्ट्र के मुंबई, नासिक, अहमदनगर से लेकर दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में फैला हुआ है। जावेद नए लड़कों को गैंग में शामिल करता था, जबकि अन्य सदस्य स्टेशनों और ट्रेनों में पानी, गुटखा बेचने या फेरी लगाने की आड़ में रेकी और जेबकटी करते थे। सरगना संदीप का साल 2009 से मुंबई के रेलवे थानों में लंबा आपराधिक इतिहास रहा है, जिसे लेकर महाराष्ट्र पुलिस से ब्योरा साझा किया गया है।
पीड़ितों से संपर्क करने की अपील
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से बरामद 1.24 लाख रुपये की नकदी का संबंध लखनऊ के सैरपुर, दुबग्गा और जानकीपुरम थानों में दर्ज चोरी के तीन मुकदमों से पुष्ट हुआ है। शातिर गिरफ्तारी से बचने के लिए वारदात के तुरंत बाद हवाई टिकट कराकर शहर और ठिकाने बदल लेते थे। लखनऊ पुलिस ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली और महाराष्ट्र के उन सभी यात्रियों से संबंधित थानों में संपर्क करने की अपील की है जो हाल के दिनों में यात्रा के दौरान जेबकटी या चोरी के शिकार हुए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच में बरामद संपत्ति की पहचान होने पर विधिक प्रक्रिया के तहत पीड़ितों का पैसा लौटाया जाएगा।
