जालंधर (ज्ञान सिंह) 21 अगस्त को पंजाब बंद का आह्वान किया गया है। बाजार, स्कूल-कालेज और सार्वजनिक परिवहन प्रभावित हो सकते हैं। अस्पताल, एंबुलेंस और मेडिकल सेवाओं को छूट रहेगी।बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा ने 21 अगस्त को पंजाब बंद का आह्वान किया है। बंद सुबह सात बजे से दोपहर दो बजे तक प्रस्तावित है। इसका असर बाजार, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, स्कूल-कालेज और सार्वजनिक परिवहन पर पड़ सकता है। ऐसे में घर से निकलने से पहले लोग अपने क्षेत्र की स्थिति और यातायात व्यवस्था की जानकारी जरूर ले लें।बंद के दौरान अस्पताल, मेडिकल स्टोर, एंबुलेंस और अन्य आवश्यक आपात सेवाओं को छूट दी गई है। हालांकि बसों और सार्वजनिक परिवहन की आवाजाही प्रभावित होने से यात्रियों को परेशानी हो सकती है। सड़क पर प्रदर्शन या धरना होने की स्थिति में यातायात को वैकल्पिक रास्तों से निकाला जाएगा।
पूरे पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर बुलाए गए बंद को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने भी समर्थन दिया है। कमेटी ने अपने कार्यालयों और संस्थानों को बंद रखने की घोषणा की है। इसकी अंतरिम कमेटी की बैठक भी 21 अगस्त से बदलकर 22 अगस्त कर दी गई है।
पूरे पंजाब में पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क किया गया है। प्रमुख बाजारों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, धार्मिक स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। जबरन दुकानें बंद करवाने, सड़क जाम करने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश पर कार्रवाई की जाएगी।
क्या-क्या बंद रहेगा
मोर्चा नेताओं के मुताबिक 21 अगस्त को सुबह से शाम तक पंजाब भर में बाजार, दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान और निजी कार्यालय बंद रहेंगे। सभी सामाजिक, धार्मिक और बिजनेस संगठनों से बंद का समर्थन करने की अपील की गई है। सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित हो सकता है। मोर्चा पहले भी टोल प्लाजा फ्री करवा चुका है, इसलिए टोल बैरियर पर भी प्रदर्शन की आशंका है।
किन्हें छूट मिलेगी
पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बंद के दौरान आपातकालीन और जरूरी सेवाएं सामान्य रूप से चलेंगी। इसमें शामिल हैं:
– एम्बुलेंस, अस्पताल और मेडिकल सेवाएं
– दूध, सब्जी और दवा की दुकानें
– सेना, पुलिस, दमकल और अन्य सरकारी आपात सेवाएं
