भागलपुर (हैडलाइन ब्यूरो) बिहार के भागलपुर जिले से दिल देहला देने वाला मामला सामने आया है. ईशाकचक थाना क्षेत्र के बरहपुरा जगरनाथबली स्थित विक्रमशिला कॉलोनी के पास जमीन में दफन मिले अज्ञात शव की गुत्थी को पुलिस ने महज चार दिनों के भीतर सुलझा लिया है. जमीन के नीचे दबा मिला शव इस्लामनगर निवासी मो. सलमान का था, जिसकी पैसों के लेन-देन के विवाद में बेदर्दी से हत्या कर दी गई थी.
इस खौफनाक हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने दो शातिर आरोपियों—मो. सलमान उर्फ फेकू और मो. सारिक उर्फ मोनू—को गिरफ्तार कर लिया है. 19 सितंबर को हुई इस हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के इरादे से लाश को जमीन में दफना दिया गया था, लेकिन पुलिस के वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान के आगे कातिलों की चालाकी ज्यादा दिन न चल सकी.
22 सितंबर को दुर्गंध से खुला खौफनाक राज, खुदाई में निकली थी लाश
घटना की शुरुआत 22 सितंबर को हुई, जब बरहपुरा जगरनाथबली के पास हाल ही में मिट्टी भरे गए एक स्थान से स्थानीय लोगों को तेज दुर्गंध आने लगी. लोगों ने अनहोनी की आशंका जताते हुए तुरंत ईशाकचक थाना पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने जब संदिग्ध जगह की खुदाई कराई, तो जमीन के अंदर से एक सड़ा-गला शव बरामद हुआ. खबर मिलते ही फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर आवश्यक वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए. तत्काल शव की पहचान न होने के कारण पुलिस ने उसे मायागंज अस्पताल के शीतगृह में सुरक्षित रखवा दिया था.
CCTV, सर्विलांस और मानवीय सूचना से कातिलों तक पहुंची पुलिस
घटना की गंभीरता को देखते हुए ईशाकचक थाने में कांड संख्या 209/2026 दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई. पुलिस ने पारंपरिक जांच के साथ-साथ वैज्ञानिक एवं तकनीकी अनुसंधान, आसपास के इलाकों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालने और मानवीय सूचना तंत्र का सहारा लिया.
जांच के क्रम में पुलिस का शक मो. सलमान उर्फ फेकू और मो. सारिक उर्फ मोनू पर गहराया. दोनों को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो पूरा सच सामने आ गया. पुलिसिया पूछताछ में दफन शव की पहचान इस्लामनगर निवासी मो. सलमान के रूप में हुई.
पैसों के लेन-देन में हुई थी हत्या, कुल्हाड़ी से वार कर खंती व कुदाल से गाड़ दी थी लाश
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि पैसों के लेन-देन को लेकर उनका मो. सलमान से विवाद चल रहा था. इसी रंजिश में 19 सितंबर को मो. सलमान की हत्या कर दी गई. हत्या के बाद कानून की नजरों से बचने और साक्ष्य छुपाने की नीयत से शव को सुनसान जगह पर मिट्टी खोदकर दफना दिया गया था.
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई एक कुल्हाड़ी तथा शव को दफनाने के काम में लाई गई दो खंतियां और एक कुदाल भी बरामद कर ली है.
सिटी एसपी अतुलेश झा ने प्रेस वार्ता कर दिया ब्यौरा, पुलिस टीम की हुई सराहना
शुक्रवार को सिटी एसपी अतुलेश झा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा किया. उन्होंने बताया कि तकनीकी अनुसंधान, सीसीटीवी और खुफिया जानकारी के तालमेल से पुलिस को इस अंधे हत्याकांड का खुलासा करने में बड़ी सफलता मिली है. दोनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विधि-सम्मत कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया की जा रही है.
इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में ईशाकचक थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक आलोक कुमार के नेतृत्व में पुलिस अवर निरीक्षक मन्टू कुमार, राजीव कुमार, पूजा कुमारी तथा सिपाही विजय कुमार, विश्वनाथ चन्द्रवंशी और महिला सिपाही मितुल कुमारी, शिवानी कुमारी व स्वीटी कुमारी की भूमिका सराहनीय रही.

