World Tobacco Day : रोजाना की 20 सिगरेट से घट रही 13 साल तक की उम्र,

नई दिल्ली: तंबाकू का सेवन लोगों को इसका एडिक्ट बना देता है। फिर पहले यह बीमार करता है और आखिर में रहता है मौत का खतरा। आंकड़े बताते हैं कि देश में हर साल 1.35 मिलियन लोग तंबाकू सेवन की वजह से मरते हैं। औसतन रोज 20 सिगरेट पीने वालों की औसत उम्र में 13 साल की कमी हो जाती है और इसमें से 23 पर्सेंट लोग अपनी उम्र के 65 साल तक नहीं पहुंच पाते हैं। डब्ल्यूएचओ की साउथ ईस्ट एशिया की रीजनल डायरेक्टर साइमा वाजेद ने कहा कि इस साल की थीम बच्चों को तंबाकू उद्योग के हस्तक्षेप से बचाना है।पीएसआरआई इंस्टिट्यूट ऑफ पल्मोनरी, क्रिटिकल केयर एंड स्लीप मेडिसिन के डायरेक्टर डॉ. जीसी खिलनानी ने कहा कि इस साल की थीम बच्चों को तंबाकू की आदत से बचाना है। यह वास्तव में जरूरी है क्योंकि 10 में से 9 स्मोकिंग करने वाले 18 साल की उम्र से पहले ही अपनी पहली सिगरेट पी चुके होते हैं। जब तक वे इसके साइड इफेक्ट को समझते हैं, तब तक वे एडिक्ट बन चुके होते हैं।
तंबाकू होता है कैंसर का कारक
राजीव गांधी कैंसर इंस्टिट्यूट और रिसर्च सेंटर के ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. उल्लास बत्रा ने कहा कि तंबाकू किसी भी रूप में कैंसर का कारक हो सकता है, जिसमें मुंह, गले और फेफड़ों के साथ-साथ पेट, पैंक्रियाज, किडनी और यूरिनरी ब्लैडर जैसे अंग शामिल हैं। तंबाकू चबाने से सिर और गर्दन खासकर मुंह का कैंसर हो सकता है, जबकि स्मोकिंग से फेफड़ों का कैंसर हो सकता है। उन्होंने कहा कि एक पल्मोनोलॉजिस्ट के रूप में मैं अपने मरीजों में तंबाकू और स्मोकिंग की सभी बीमारियों या दिक्कतों को देखता हूं। फिर भी लोग तंबाकू नहीं छोड़ पाते हैं। इसलिए, युवा और स्कूली बच्चों पर फोकस करना जरूरी है। उन्हें जागरूक करना जरूरी है। तंबाकू के खिलाफ विज्ञापनों के बावजूद इसमें कोई बड़ी कमी नहीं आ रही है। हम अपने बच्चों को तंबाकू का सेवन शुरू करने से रोकें। इसका एकमात्र उपाय है कि फर्स्ट सिगरेट (या इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट) के सेवन को रोका जाए।


