ट्रांसपोर्ट पर छापे से खुला नया राज, स्टेशनरी के नाम पर मंगवाई जा रही नकली शराब
इंदौर, मध्यप्रदेश। नकली शराब के मामले में नित नए खुलासे हो रहे हैं। क्राइम ब्रांच ने दिल्ली से स्टेशनरी के नाम पर शराब मंगाने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दूसरी ओर पुलिस पड़ताल के दौरान प्रदेश के अन्य शहरों के शराब माफियाओं के बारे में जानकारी मिली है। इन पर एक साथ कार्रवाई करने के लिए प्रदेश स्तर पर प्लानिंग बन रही है। दूसरी ओर नकली शराब से प्रभावित होकर अस्पताल में भर्ती होने वालों की हालत में कोई सुधार नहीं होने से परिजन बेहद चिंतित हैं।

स्टेशनरी की बिल्टी पर अवैध शराब :
क्राइम ब्रांच की टीम ने एक ट्रांसपोर्ट पर छापा मारकर 3 लोगों को पकड़ा है। स्टेशनरी की बिल्टी बनाकर बाहर से इंदौर में शराब मंगाई जा रही थी। एएसपी क्राइम गुरुप्रसाद पाराशर के अनुसार पकड़े गए आरोपियों के नाम जितेंद्र पिता मांगीलाल भोज निवासी मूसाखेड़ी, चंदन पिता लालचंद कौशल निवासी खंडवा नाका और गोविंद पिता भवर सिंह गुर्जर निवासी अन्नपूर्णा है। विशेष अभियान के तहत सक्रिय किए गए मुखबिर से क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि सांवेर रोड पर कैपिटल इंडिया लॉजिस्टिक ट्रांसपोर्ट से अवैध शराब आती है। टीम ने वहां छापा मारा,एक प्लास्टिक के पैकेट के बारे में टीम छानबीन की तो ट्रांसपोर्ट कर्मचारियों ने बताया कि है स्टेशनरी का पैकेट है। उन्होंने बिल्टी भी स्टेशनरी की ही बताई लेकिन जब उस पैकेट को खोला गया तो 5 पेटी अंग्रेजी शराब निकली। आरोपियों ने बताया कि यह पैकेट दीपेश वाधवानी पिता अशोक वाधवानी आकर ले जाता है। पुलिस ने सभी के खिलाफ आबकारी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज किया है।
काल डिटेल्स ने उगले कई राज :
इंदौर में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद पुलिस की कार्रवाई जारी है। जहरीली शराब के चर्चित सप्लायर मांधाता के कालका प्रसाद उर्फ कल्लन की कॉल डिटेल्स में इंदौर, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच समेत कई शहरों के शराब तस्करों के बारे में जानकारी मिली है। अब प्रदेश स्तर पर अभियान चलाकर इन माफियाओं को दबौचने की प्लानिंग शुरु हो गई है।
बताते हैं कि कल्लन कई सालों से इस गोरखधंधे में सक्रिय है। उसने अवैध शराब का बड़ा नेटवर्क तैयार कर लिया है। नेटवर्क में इंदौर से ‘यादा बाहर के तस्करों को शामिल किया गया है। वह जो नकली शराब बनाता था उससे उसे 6 गुना तक पैसा मिल जाता था। पुलिस को इंदौर से जुड़े दो नाम श्याम व निजाम के पता चले हैं ये कल्लन के खास बताए जाते हैं। इनके संबंध भी प्रदेश के कई तस्करों से मिले हैं।
मनीष सुखवानी रिमांड पर :
शराब कांड में जूनी इंदौर पुलिस बुरहानपुर के जिस मनीष सुखवानी को पकड़ा था उसे पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में पेश कर कोर्ट से दो दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस उससे बुरहानपुर के जिस मदान ठेकेदार से वह शराब खरीदना था,उससे भी पूछताछ करेगी। सिंधी कॉलोनी के प्रॉपर्टी ब्रोकर तरुण रिजवानी के बारे में पता चला है,नकली शराब के कारण उसकी सेहत दिनों दिन खराब होती जा रही है। शुगर व ब्लड प्रेशर बढने के साथ ही आंखों से भी दिखना कम हो गया।
बैंक कैशियर की हालत में सुधार नहीं :
सपना बार में जहरीली शराब पीने वाले बैंक केशियर की हालत बिगड़ती जा रही है। उसे न तो दिख रहा है ना होश है। परिवार वाले अब तक 5 लाख रुपए खर्च कर चुके हैं। उन्होंने हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। नकली शराब के प्रभाव में आने के बाद अभी भी कुछ लोग जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहे हैं उसमें एक मोहन सिंह चौहान है जो महेश नगर का निवासी है। मोहन एक बैंक में कैशियर के पद पर पदस्थ है। शराब कांड के बाद उसकी हालत बिगड़ी थी। परिजनों ने उसे बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती कर रखा है। उसके रिश्तेदार के मुताबिक अब तक 5 लाख रुपए खर्चा हो चुका है लेकिन मोहन जिंदा लाश ही बना हुआ है। उसके शरीर में कोई हलचल नहीं है। उसे दिख भी नहीं रहा है।
पुलिस-आबकारी विभाग चिंतित :
जहरीली शराब की जांच में ये बात सामने आई थी कि नकली रायल स्टेग ने कई मदिरा प्रेमियों की जान ले ली है। सपना और पेराडाइज बार सील कर दिए । दूसरी बारों से भी शराब के सेम्पल लेकर इन्हें फोरेंसिक जांच के लिए राऊ की लैब में भेजा गया। पता चला है कि यहां पर करीब 100 से ‘यादा सेम्पल जांच के लिए आए हैं। सुविधाओं के अभाव में इस लैब में जल्दी ही इन सेम्पल की जांच नहीं हो सकती है। इस समस्या को लेकर लेब और पुलिस, आबकारी विभाग चिंतित दिख रहा है। वैसे भी लैब में सैकड़ों मामले जांच के लिए पहले से ही लंबित हैं। वैसे पुलिस और आबकारी विभाग ने भी लैब के टेक्निशियन से आग्रह किया है कि वे जांच जल्दी से दें।
