*👉🏻 ड्रैगन डोर में फंसे 2 पक्षियों को दमकल विभाग के कर्मचारियों ने बचाया* *👉🏻 इस खबर संबंधी पूरी जानकारी हासिल करने के लिए नीचे दिए गए हैडलाइन एक्सप्रेस के लिंक को क्लिक करें 👇🏻*
जालंधर,02 फरवरी 2020-(प्रदीप भल्ला)- प्रशासन की ढीली कार्यप्रणाली के कारण चाइना डोर महानगर में धड़ल्ले से बिक रही है। दूसरी तरफ लोग भी चाइना डोर से अपना मोह त्याग नहीं रहे हैं जिस कारण रोजाना ही कोई ना कोई व्यक्ति या पक्षी इसकी चपेट में आने के कारण घायल हो जाता है। आज एक बार फिर से जालंधर कैंट में 80 फीट ऊंचे सफेदे के पेड़ पर चाइना डोर में एक बाज़ फंस गया। दो दिनों से चाइना डोर में फंसे बाज़ को तड़पता हुआ देख आज राहगीरों ने दमकल विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग के कर्मचारी राजिंदर सहोता अपनी टीम सहित गाड़ी लेकर मौके पर पहुंच गए और बाज़ को चाइना डोर से मुक्त कराने की कोशिश में जुट गए। ऊंचाई ज्यादा होने
के कारण दमकल विभाग को दो सीढ़ीयां लगा कर बाज़ तक पहुंचना पड़ा। दमकल कर्मी रजिंदर सहोता ने बताया कि वह जैसे ही बाज के पास पहुंचे तो उन्होंने देखा कि चाइना डोर में एक और पक्षी फंसा हुआ है उन्होंने दोनों पक्षियों को चाइना डोर से मुक्त करवाया। चाइना डोर में फंसने के कारण बाज घायल हो चुका था जिसे नीचे उतार उस पर मरहम लगाई गई जिसके बाद उसे आजाद कर दिया गया। दमकल कर्मी राजिंदर सहोता ने बताया कि वह इस सीजन में 70 से 80 पक्षियों को चाइना
डोर से आजाद करा चुके हैं। दमकल विभाग के कर्मचारियों ने लोगों से अपील की कि वह ड्रैगन डोर की बजाय अपने देश में बने धागे की डोर से पतंग को उड़ाए जिससे कोई पक्षी या व्यक्ति को चोट नहीं पहुंच सकती। दमकल कर्मी राजिंदर सहोता ने कहा कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो आने वाली पीढ़ी को अपने देश में पक्षी देखने के लिए भी नहीं मिलेंगे। अलग-अलग प्रजाति के जीव जंतु वैसे ही लुप्त हो रहे हैं, दूसरा चाइना डोर के कारण पक्षियों की तादाद और भी कम हो रही है। आने वाली पीढ़ी को पशु पक्षियों के बारे में सिर्फ किताबों में ही जानकारी मिलेगी। अगर समय रहते सभी जागरूक ना हुए तो पक्षियों की तादात ना के बराबर ही रह जाएगी। इसलिए लोगों को जागरूक होना पड़ेगा और अपने बच्चों को भी चाइना डोर से दूर रहने के लिए समझाना पड़ेगा।