👉🏻 ट्रेनों के ठहराव संबंधी करतारपुर निवासियों ने अविनाश राय खन्ना को सौंपा ज्ञापन, सैंकडों लोगों ने किए हस्ताक्षर

जालंधर, 05 मई 2023-(प्रदीप भल्ला)-भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद अविनाश राय खन्ना ने कहा कि करतारपुर रेलवे स्टेशन धार्मिक और औद्योगिक दृष्टिकोण से अति महत्तवपूर्ण स्टेशन है। उक्त विचार खन्ना ने करतारपुर निवासियों द्वारा सैंकड़ो लोगों के हस्ताक्षरों के अधीन दिए गए मांगपत्र को अपने कार्यालय से केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को अग्रेषित करते हुए व्यक्त किए। खन्ना ने अपने पत्र में केन्द्रीय रेल मंत्री को करतारपुर का ऐतिहासिक महत्तव बताते हुए कहा कि यहां का फर्नीचर उद्योग के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। करतारपुर में सिक्ख इतिहास से संबंधित दर्शनीय गुरूद्वारा साहिब भी हैं। खन्ना ने कहा कि धार्मिक दृष्टिकोण से करतारपुर पांचवें गुरू श्री गुरू अर्जुन देव जी द्वारा बसाया गया था। इस शहर के पास सीआरपीएफ तथा आईटीबीपी के बहुत बड़े कैंप भी हैं। इसके अलावा यहां इंडो-इजराईल वेजीटेबल रिसर्च सैंटर, डॉ. बीआर अंबेदकर नैश्नल इंस्टीच्यूट फॉर टेक्नोलोजी भी स्थित है। खन्ना ने बताया कि करतारपुर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों, व्यवसायीयों तथा सैनिकों का आना जाना लगा रहता है।
अविनाश राय खन्ना ने केन्द्रीय रेल मंत्री को बताया कि कोरोना काल से पहले इस रेलवे स्टेशन पर अमरपाली एक्सप्रैस संख्या 150707 तथा 154080, दादर एक्सप्रेस संख्या 11057 तथा 11058, सर्यू यमुना एक्सप्रैस संख्या 14649 तथा 14650, छत्तिसगढ़ एक्सप्रैस संख्या 18237 तथा 18238, हावड़ा एक्सप्रैस संख्या 13049 तथा 13050, देहरादून एक्सप्रैस 14631 तथा 14632 का करतारपुर रेलवे स्टेशन पर ठहराव हुआ करता था, परंतु कोरोना काल में इन गाड़ियों का ठहराव करतारपुर रेलवे स्टेशन पर बंद कर दिया गया। जिससे अब रेल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अविनाश राय खन्ना ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मांग की कि इन ट्रेनों का ठहराव करतारपुर रेलवे स्टेशन पर पुन: बहाल किया जाए, ताकि रेल यात्रियों को सुविधा हो सके।
👉🏻 भाजपा प्रत्याशी इंद्र इकबाल सिंह अटवाल के हक में उतरे पूर्व सैनिक-जीएस सिद्धू, पढ़ें पूरी खबर सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पूर्व सैनिकों की हमदर्द सरकार है। इससे पहले भारत में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी की सरकारों ने केवल राजनीति की और 27 साल से पूर्व सैनिकों की वन रैंक और वन पेंशन की मांग को लटकाए रखा। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने पूर्व सैनिकों की इस मांग को तुरंत स्वीकार कर उसे लागू किया जिससे पूर्व सैनिकों को बड़ी राहत मिली है। यह बात पंजाब भाजपा के पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के प्रभारी कैप्टन जी.एस. सिद्धू ने कही।
जीएस सिद्धू ने कहा कि 1 जुलाई, 2019 को लागू हुए ओआरओपी 2 में रही कमियों की समीक्षा करने के लिए पंजाब भाजपा सैनिक प्रकोष्ठ के प्रतिनिधिमंडल द्वारा रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह के साथ एक बैठक की जाएगी टाटा जंतर-मंतर पर संघर्ष कर रहे सैनिक भाईयों को आश्वासन देकर उठाने का भी प्रयास किया जाएगा। पूर्व सैनिक की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी की पेंशन 60% हो जाती है, इसे 100% करने का प्रयास किया जाएगा। पूर्व सैनिकों के लिए टोल प्लाजा माफ करने का प्रयास किया जाएगा। इसे प्राप्त करने के लिए केंद्र सरकार से भी चर्चा की जाएगी। सरकारी नौकरी में पूर्व सैनिक के केवल एक बच्चे को ही लाभ मिलता है, 1 से 2 बच्चों को यह लाभ मिले इसके लिए भी केंद्र सरकार से चर्चा की जाएगी। प्रधानमंत्री वजीफा योजना के अंतर्गत सैनिकों के बच्चों के लिए सभी पाठ्यक्रमों में इसे संचालित करने का प्रयास किया जाएगा। पंजाब सरकार की संस्था पेस्को द्वारा पूर्व सैनिकों की भर्ती के खिलाफ भाजपा सैनिक सेल बड़े पैमाने पर संघर्ष शुरू करेगी। कैप्टन सिद्धू ने सभी पूर्व फौजी भाइयों से पुरजोर अपील करते हुए कहा कि वे और उनका परिवार 10 मई को होने वाले चुनाव में भाजपा प्रत्याशी इंदर इकबाल सिंह अटवाल को अपना कीमती वोट डालकर भारी बहुमत से विजयी बनाएं और हम वादा करते हैं कि भाजपा उनके सभी मुद्दों को हल करने का प्रयास करेगी।


