इंस्टाग्राम पर बैंक कार्ड की जानकारी देखना कारोबारी को पड़ा भारी, लगी 1.3 लाख की चपत

मुंबई: साइबर जालसाजों द्वारा अपने शिकार को फंसाने के लिए हर दिन कोई न कोई नई और अनोखी कार्यप्रणाली का इस्तेमाल किया जाता है। इसी कड़ी में जालसाजों ने 54 वर्षीय एक व्यवसायी को उस समय अपने जाल में फांस लिया जब वह इंस्टाग्राम पर बैंक कार्ड को अपग्रेड करने के बारे में एक पोस्ट को पढ़ रहे थे। पुलिस ने बताया कि पीड़ित जैसे ही बैंक कार्ड की जानकारी प्राप्त कर रहे थे, वैसे ही इसकी भनक जालसाजों को लग गई और वे पीड़ित को अपने फोन पर रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करवाने में कामयाब हो गया। फिर पीड़ित को अपने बैंक कार्ड को स्कैन करने के लिए प्रेरित किया, जिसके बाद वह उसके बैंक कार्ड से पैसे निकाल कर गायब हो गए।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, पीड़ित कारोबारी गामदेवी का रहने वाला है। 13 मई को जब पीड़ित अपने इंस्टाग्राम प्रोफाइल को देख रहा था, तो उसे बैंक कार्ड को कैसे करें अपग्रेड और किस प्रकार उसको साइबर जालसाजों से सुरक्षित रखें, आदि लिखा हुआ एक पोस्ट दिखाई दिया। इस पोस्ट में एक नंबर भी था, जिस पर और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए संपर्क करने को कहा गया। पीड़ित ने उक्त नंबर पर जैसे ही कॉल किया, सामने वाले अज्ञात व्यक्ति ने कारोबारी को एक ऐप इंस्टॉल करने के लिए कहा।
ऐसे दिया झांसा
ऐप डाउनलोड करने के बाद जालसाजों ने कारोबारी को अपने बैंक कार्ड के आगे और पीछे के हिस्से को स्कैन करने के लिए कहा। पीड़ित ने स्कैन किया। ऐसा करते ही उसके बैंक खाते 1.33 लाख रुपये निकाल लिए जाने का मैसेज आने लगे। मैसेज देखते ही कारोबारी ने अपने बैंक से संपर्क किया, जिसके बाद उसके बैंक कार्ड को ब्लॉक कर दिया गया। स्थानीय पुलिस ने कारोबारी की शिकायत पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66C (पहचान की चोरी), 66D (कंप्यूटर संसाधन का उपयोग कर व्यक्ति के रूप में धोखाधड़ी करना) के तहत मामला दर्ज आगे की साइबर सेल की मदद से कर रही है।






