वो देश जहां गर्भवती मंगेतर से ही राजा करता है शादी, अब तक 15 बीवियां और 45 बच्चे

दुनिया में स्वाजीलैंड शायद अकेला देश बचा है, जहां पूरी तरह राजशाही सत्ता लागू है. कुछ साल पहले यहां के राजा मस्वति तृतीय ने देश का नाम बदलकर किंगडम ईस्वातिनि रख दिया है. 56 साल के राजा की 15 बीवियां हैं, जिसमें एक का निधन हो चुका है. साथ ही कई संगिनी भी. यहां कोई भी महिला तभी राजा की बीवी का दर्जा पाती है, जब वो गर्भवती हो जाए, अगर ऐसा नहीं होता तो फिर वो संगिनी की जमात में शामिल हो जाती है.
स्वाजीलैंड अफ्रीका महाद्वीप में दक्षिण अफ्रीका से सटा हुआ है. राजा की पढ़ाई विदेश में हुई है. स्वाजीलैंड गरीब देश है लेकिन वहां का राजा हमेशा अपनी लग्जरी लाइफ और शाहखर्ची के कारण चर्चा में रहता आया है. आमतौर पर माना जाता है कि अगर किसी महिला पर उसका दिल आ गया तो वो पूरी कोशिश करता है कि उसको राजसी गांव में ले आए. वैसे इन दिनों स्वाजीलैंड में असंतोष है और लोग चाहते हैं कि राजा को गद्दी से उतार फेंका जाए.
स्वाजीलैंड के राजा मस्वति तृतीय के 45 बच्चे हैं. उसकी हर रानी शानोशौकत के साथ अलग आलीशान बंगलों या महलों में रहती हैं. उनकी लग्जरी लाइफ के लिए मोटा खर्चा देश के बजट में मुहैया कराया जाता है.
राजा पर एक लड़की को स्कूल से उठवाकर उससे शादी करने का आरोप लग चुका है. इसकी शिकायत एमनेस्टी इंटरनेशनल तक हुई. वाकया ये था कि 18 की साल की एक हाईस्कूल गर्ल अक्टूबर 2002 में लापता हो गई. उसका नाम जेना महालांगू था. मां ने पुलिस में शिकायत की. पुलिस ने जांच के बाद बताया कि उनकी बेटी रायल विलेज में है. उसे राजा की अगली बीवी बनाने की तैयारी चल रही है.
मां अड़ गई कि उसे उसकी बेटी वापस की जाए. उसने मुकदमा कर दिया. लेकिन फैसला राजा के हक में हुआ, क्योंकि वो तब तक दो बच्चों की मां बन चुकी थी. वर्ष 2010 में उसे रानी का दर्जा मिल गया. इस मामले की शिकायत एमनेस्टी में हुई. एमनेस्टी ने तब साफ कहा कि राजा और उसके लोगों ने महिलाओं और लड़कियों के मानवाधिकार का हनन किया है.
इस देश में सितंबर माह के इर्द-गिर्द में राजा देश की सभी कुंवारी लड़कियों की एक परेड कराता है. इसमें लड़कियों को टॉपलेस रखा जाता है. इसमें जिस भी लड़की को राजा चाहता है, उसे अपने रनिवास में ले जाता है. हालांकि इसकी बहुत आलोचना अब देश में होने लगी है. राजा की 15 बीवियां के अलावा माना जाता है कि काफी संगिनियां हैं.
पिछले साल देश की कई युवतियों ने इसका विरोध किया था. कई लड़कियों ने इस परेड में हिस्सा लेने मना कर दिया था, लेकिन राजा की जानकारी में इस बात के आने बाद उन लड़कियों के परिवारों को कॉफी जुर्माना देना पड़ा. वैसे राजा हर साल अपनी दो बीवियों को नेशनल काउंसलर बनाकर उन्हें संसद में शामिल करता है. इसकी प्रक्रिया काफी जटिल है.
इस देश के लोग राजा पर आरोप लगाते रहे हैं कि वे खुद बेहद शानो-शौकत से रहते हैं जबकि उनके देश में एक बड़ी आबादी बेहद गरीब है. यहां 63 फीसदी आबादी की रोज की आमदनी मुश्किल से 100 रुपए है. आलोचनाओं के बाद भी राजा पर कोई ज्यादा असर पड़ता नहीं. वैसे चलते चलते आपको ये भी बता दें कि इस राजा का जो पिता था, वो केवल 04 माह की उम्र में ही राजा बन गया था.
पिता का नाम सोबूझा था. जो अपने पिता की मृत्यु के समय केवल 4 माह का था. उसे राजा बना दिया गया. तब राजपाट का काम उसके चाचा और चाची मिलकर देखते थे. जब वह 22 साल का हुआ तो उसने पूरी तरह राजकाज संभाल लिया. ये देश तब अंग्रेजों के अधीन था लेकिन उन्होंने उसे राजा के तौर पर मान्यता दी. उसकी मृत्यु 1982 में हुई. वह दुनिया का अकेला ऐसा राजा था, जिसका कार्यकाल 82 साल 254 दिनों तक चला यानि दुनिया में सबसे लंबा राजा. (wiki commons)
अपनी असंख्य संतानों के कारण सोभूजा को “स्वाज़ी का बैल” भी कहा जाता था. राजा सोभूजा ने कई पत्नियों को बनाए रखने की जनजातीय प्रथा को जारी रखा. उसकी 70 पत्नियां थीं, जिनसे उन्हें 1920 और 1970 के बीच 210 बच्चे हुए. 2000 तक उसके 97 बेटे और बेटियां जीवित बताए गए. उसकी मृत्यु के समय उसके 1,000 से अधिक पोते-पोतियां थे.



