लोकसभा चुनाव: कितने भरोसेमंद हैं एक्ज़िट पोल ?

नई दिल्ली: एक जून, 2024 को आम चुनाव के सातवें और आखिरी चरण का मतदान पूरा होने के साथ ही 18वीं लोकसभा के लिए चुनाव का समापन हो गया. पहले चरण का मतदान 43 दिन पहले 19 अप्रैल को हुआ था. नतीजे चार जून को आएंगे. लेकिन उससे एक पहले सभी की नजर एग्जिट पोल पर रहेगी. अधिकांश टीवी चैनलों पर दिखाए जा रहे एग्जिट पोल में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को बहुमत मिलता दिख रहा रहा है. वहीं विपक्षी दलों के ‘इंडिया’ गठबंधन को पिछड़ता दिखाया जा रहा है.
जाहिर है, एग्जिट पोल परिणाम नहीं बल्कि अनुमान होते हैं, जो सर्वे के दौरान मतदाताओं के पूछे गए सवालों के जवाब के आधार पर तैयार किए गए होते हैं. कई बार यह असल परिणाम के आस-पास होते हैं, तो अनेक बार सच्चाई के कोसों दूर.
2019 में कितने सही साबित हुए थे एग्जिट पोल?
सवाल उठता है कि पिछले दो आम चुनावों में एग्जिट पोल असर परिणाम के कितने करीबी थे? आम चुनाव 2019 के लिए मतदान 11 अप्रैल से 19 मई के बीच हुए थे और नतीजे 23 मई को आए थे.
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में 2019 और 2014 के आम चुनावों को लेकर तमाम पोलिंग एजेंसी द्वारा किए एग्जिट पोल को आमने-सामने रखा है. 2019 में 13 पोलिंग एजेंसी द्वारा किए एग्जिट पोल का औसत निकालें तो वह भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को 306 सीटें दे रहे थें. जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए के 120 सीट जीतने का अनुमान रहा रहे थे.
एग्जिट पोल में एनडीए के प्रदर्शन को कम करके आंका गया था. असल में एनडीए को कुल 353 सीटों पर जीत मिली थी. वहीं, यूपीए को कुल 93 सीटों पर जीत मिली थी.मुख्य दलों की बात करें, तो भाजपा 303 और कांग्रेस 52 सीटें जीती थी.
2014 में कितने सही साबित हुए थे एग्जिट पोल?
2014 में आठ न्यूज चैनलों द्वारा किए एग्जिट पोल का औसत निकालें, तो वह भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को 283 सीटें दे रहे थें. जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए के 105 सीट जीतने का अनुमान रहा रहे थे.
एग्जिट पोल उस आम चुनाव में भी सही अनुमान लगाने में विफल रहे थे क्योंकि असल में एनडीए को 336 सीटें और यूपीए को मात्र 60 सीटें मिलीं थीं. इनमें से भाजपा को 282 और कांग्रेस को 44 सीटों पर जीत मिली थी.
2009 में भी गलत साबित हुए थे एग्जिट पोल
2009 में जब यूपीए सत्ता में वापस आई थी, तो औसतन चार एग्जिट पोल ने विजेता गठबंधन की संख्या को कम करके आंका था. उन्होंने यूपीए को 195 और एनडीए को 185 सीटें दी थीं.
यूपीए ने आखिरकार 262 सीटें जीतीं, जबकि एनडीए को 158 सीटें मिलीं. इनमें से कांग्रेस ने 206 सीटें और भाजपा ने 116 सीटें जीती थी.





