पत्नी के ATM से पति निकाल रहा था पैसे, बैंक के इस नियम से लग गई 25 हजार की चपत
बैंक एटीएम से पैसे निकालने के मामले में अक्सर एक गलती हममें से अधिकांश लोग करते हैं। यह गलती है अपने भरोसेमंद लोगों को एटीएम देकर पैसे निकालने के लिए अपना कार्ड और पासवर्ड देकर भेजने की। अगर आप भी ऐसा करने वालों में शामिल हैं तो तुरंत सतर्क हो जाएं हो और अभी ही ऐसा करना बंद कर दें। क्योंकि आपके अपने भरोसा तोड़े ना तोड़े बैंकों के नियम से आपकी हालत खराब हो सकती है। बेंगलूरु में एक महिला ने तीन साल तक लड़ाई लड़ी फिर भी निराशा ही हाथ लगी।
…ये है मामला
तीन साल पहले एक बच्चे को जन्म देने के ठीक बाद मातृत्व अवकाश पर चल रहीं बेंगलूरु में वंदना ने अपने पति राजेश को अपने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का एटीएम कार्ड और सीक्रेट पिन देकर 25 हजार रुपए निकालने को कहा था। एटीएम पर पैसे तो नहीं निकले लेकिन खाते से पैसे कटने की पर्ची मिल गई। इसके बाद जब पैसे नहीं मिले तो वंदना ने बैंक से शिकायत की। लेकिन उन्हें उस वक्त झटका लगा जब एसबीआई ने कुछ दिनों में केस को यह कहते हुए बंद कर दिया कि ट्रांजैक्शन सही था और ग्राहक को पैसा मिल गया।
बैंक समिति ने ऐसे सुनाया फैसला
इसके बाद राजेश और वंदना एटीएम फुटेज हासिल कर कोर्ट में पहुंचे लेकिन वहां भी फैसला बैंक के पक्ष में आया। दरअसल फुटेज में साफ दिख रहा था कि एटीएम से पैसा नहीं निकला था। बैंक की जांच समिति ने फुटेज देखकर कहा कि खाताधारक यानी वंदना ट्रांजैक्शन के दौरान एटीएम कक्ष में नहीं दिख रही हैं। ऐसे में वंदना ने पिन साझा किया है इसलिए केस खत्म हुआ।
कोर्ट ने सुनाया यह फैसला
बैंक के बाद मामला उपभोक्ता फोरम भी पहुंचा। वहां कोर्ट ने बैंक की दलील को सही माना और कहा कि यदि वंदना खुद नहीं जा सकती थीं तो उन्हें सेल्फ चेक या दूसरे विकल्प के जरिए पैसे निकलवाने चाहिए थी। कोर्ट ने भी पिन शेयर तो केस खत्म के आधार पर फैसला लिया।

