बिना इंजन के दौड़ी 25 किलोमीटर तक ट्रेन जानिए क्या क्या आया चपेट में,
खटीमा(उधमसिंह नगर), [जेएनएन]: पत्थर लदी मालगाड़ी की आठ बोगियां टनकपुर से बगैर इंजन के करीब आधे घंटे तक रेलवे ट्रैक पर 25 किलोमीटर तक यमदूत बनकर दौड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करीब 80 से 100 किमी रफ्तार में भाग रहीं बोगियों की चपेट में आकर आधा दर्जन मवेशियों की मौत हो गई।

एक ट्रैक्टर भी चपेट में आया, जो बोगियों के सहारे सात किमी तक घिसटता रहा। उसके परखच्चे उड़ गए। खटीमा रेलवे स्टेशन से करीब सौ मीटर आगे जाकर मालगाड़ी रेल पटरियों के किनारे खड़ी ट्रॉली से जा टकराई।
धमाके के बाद पहली बोगी के दोनों पहिये टै्रक से उतर गए और बोगियां वहीं रुक गईं। घटना से रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सभी गेट बंद करा दिए गए। रेलवे के उच्चाधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच के आदेश दिए हैं।
रेलवे के इज्जतनगर बरेली मंडल से नौ जुलाई को अपराह्न दो बजे एक मालगाड़ी ब्रॉडगेज निर्माण के लिए पत्थर लेने टनकपुर पहुंची। मंगलवार को टनकपुर स्टेशन के पास मालगाड़ी की आठ बोगियों में पत्थर भरे जा चुके थे।
इसी दौरान सुबह करीब 10.45 बजे बोगियों को जेसीबी मशीन की मदद से शंटिंग (आगे-पीछे) करने का काम किया जा रहा था। बताते हैं कि ट्रैक पर ढलान होने की वजह से आठ बोगियां आगे बढ़ गईं।
टनकपुर स्टेशन अधीक्षक केडी कापड़ी ने तत्काल इसकी सूचना अधिकारियों को दी। इस पर निर्माण में लगे सैंकड़ों कर्मचारी ट्रैक से हट गए। जगह-जगह रेलवे क्रॉसिंग बंद कर दी गई। बोगियां जब तक जानलेवा रफ्तार से टै्रक पर दौड़ती रहीं तब तक रेलवे व निर्माण इकाई के अधिकारियों की जान हलक में अटकी रही।
सूचना पर रेलवे के इज्जतनगर के सहायक मंडल प्रबंधक एके अग्रवाल, सीनियर डीएसओ सीएल शाह व डिप्टी चीफ इंजीनियर कंस्ट्रंक्शन समेत रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

