*👉🏻 चौधरी संतोख सिंह के घर के बाहर कूडा फैंकने वाला बना तथाकथित पत्रकार, 20 हजार की राशि वसूलने का वीडियो वायरल* *👉🏻 लोगों को ब्लैकमेल करने वाले कुछ और तथाकथित पत्रकारों की ऑडियो रिकॉर्डिंग आई हैडलाइन एक्सप्रेस के पास, ऑडियो रिकॉर्डिंग में दूसरे तथाकथित पत्रकारों को बोले जा रहे जातिसूचक शब्द* *👉🏻 इस खबर सम्बंधी पूरी जानकारी हासिल करने के लिए नीचे दिए गए हैडलाइन एक्सप्रेस के लिंक को क्लिक करें 👇🏻*
जालंधर,2 जनवरी 2020-(हैडलाइन एक्सप्रेस)-किसी समय चौधरी संतोख सिंह की कोठी के बाहर कूडा फेंककर सुर्खियों में आए और खुद को समाज सेवक बताने वाला सुशील तिवारी अब तथाकथित पत्रकार बन गया है। उसने भाजपा के तेजतर्रार नेता राक्सी उप्पल के पिता का ताश खेलते हुए का वीडियो बनाकर अपने न्यूज पोर्टल दैनिक उजाला पर लगा दिया। बाद में दुबई से काल करवाकर एक लाख की राशि मांगी। जिसके बाद रॉक्सी उप्पल ने अपने साथी के जरिये सुशील तिवारी के पिता को 20 हजार की राशि दी और उसका स्टिंग कर दिया। इसके बाद न्यूज पोर्टल से वीडियो डिलीट कर दी गई। शिकायत पुलिस कमिशनर गुरप्रीत सिंह के पास पहुंच गई है।
इसकी जांच महिला आईपीएस अधिकारी सुडरविजी को सौंपी गई है। भाजपा नेता रॉक्सी उप्पल ने इस शिकायत के साथ सीडी व आडियो क्लिप भी सौंपी है,जिसको जांच अधिकारी को सौंपा गया है। भाजपा के युवा नेता रॉक्सी उप्पल ने बताया कि एक न्यूज पोर्टल दैनिक उजाला पर उनके पिता की वीडियो चलाई गई कि भाजपा के नेता रॉक्सी के पिता जुआ खेल रहे हैं। जबकि वह वीडियो उनके पिता की एडिट कर बनाई गई थी। जब उन्होंने इसकी जांच की तो पाया कि अपलोड करने वाला पत्रकार नहीं है, वह खुद को युवा नेता व समाज सेवक बताने वाला सुशील तिवारी है।
यह किसी से छिपा नहीं है कि जालंधर न्यूज पोर्टलों का गढ़ बन गया है, जहां पर एक से एक छुटभैये नेता अपना पोर्टल बनाकर कोठियों, दुकानों व कालोनाइजों को ब्लैकमेल कर रहे हैं। इनमें से तो ज्यादातर वह हैं जिनको न्यूज की एबीसी नहीं पता। ऐसे ही कुछ तथाकथित पत्रकारों की ऑडियो रिकॉर्डिंग्स हैडलाइन एक्सप्रेस के पास पहुंची है जिनमें उक्त तथाकथित पत्रकार ब्लैकमेलिंग की बातें कर रहे हैं। इसके अलावा रिकॉर्डिंग में एक तथाकथित पत्रकार किसी व्यक्ति से बातचीत दौरान दूसरे तथाकथित पत्रकारों को जातिसूचक शब्द भी बोल रही है। इन ऑडियो रिकॉर्डिंग से एक बात तो यह भी साफ होती है कि इन ब्लैकमेलर तथाकथित पत्रकारों के साथ नगर निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों की पूरी तरह से सांठगांठ है। हैडलाइन एक्सप्रेस अपने अगले अंक में इन तथाकथित पत्रकारों के बारे में और भी खुलासे करेगा। इन्हीं तथाकथित पत्रकारों के कारण साफ-सुथरी पत्रकारिता करने वालों पर भी बदनामी के बादल मंडराने लगे हैं।
