*👉🏻 हरियाणा भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी पर आंदोलन के नाम पर ₹10,0000000 लेने के आरोप, किसान नेताओं में पहली बार फूट पड़ती दे रही दिखाई* *👉🏻 पढ़ें पूरी खबर सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
दिल्ली, 18 जनवरी 2021-(एच.ई)-किसान नेताओं में पहली बार फूट पड़ती दिखाई दे रही है। जिसकी मुख्य वजह है एक किसान नेता द्वारा हरियाणा सरकार गिराने के लिए 10 करोड़ रुपये की डील करना। संयुक्त मोर्चा की रविवार को हुई बैठक में हरियाणा भाकियू के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी पर आंदोलन को राजनीति का अड्डा बनाने, नेताओं को आंदोलन में बुलाने और दिल्ली में हरियाणा कांग्रेस के सक्रिय नेता से आंदोलन के नाम पर और हरियाणा सरकार गिराने के एवज में 10 करोड़ रुपये की डील करने के आरोप लगे हैं। इन आरोपों के बाद संयुक्त मोर्चा ने एक कमेटी बनाई है जो पूरे मामले की छानबीन करने के बाद 20 जनवरी को इसकी रिपोर्ट सौंपेगी। गुरनाम सिंह पर यह आरोप भी है कि उन्होंने हरियाणा कांग्रेस टिकट के बदले मौजूदा हरियाणा सरकार गिराने की डील की है। वहीं गुरनाम सिंह चढूनी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। इन आरोपों के चलते किसान नेताओं में पहली बार फूट पड़ती दिखाई दे रही है। इसके अलावा किसान आंदोलन में सिख फॉर जस्टिस संस्था द्वारा फंडिंग के आरोप भी लगे हैं। जिस कारण नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने आंदोलन में शामिल किसान नेताओं सहित 20 लोगों को सम्मन भेजकर तलब किया है।



