विधवा भाभी के साथ देवर ने किया ऐसा धोखा,अब खानी पड़ेगी जेल की रोटी
लखनऊ. फर्जी वसीयत तैयार करने के आरोप में पुलिस ने श्याम बहार गुटखा कंपनी के तथाकथित मालिक राहुल मिश्रा को मंगलवार को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज थे। वारंट भी जारी हुआ था। इस मामले में पुलिस काफी समय से उनकी तलाश कर रही थी। बता दें, राहुल श्याम बहार पान मसाला कंपनी की नींव रखने वाले संजीव मिश्रा के भाई हैं। संजीव की विधवा पत्नी ने फर्जीवाड़ा कर संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया है। जाने क्या है पूरा मामला…
– संजीव मिश्रा की मौत फरवरी 2014 में हुई थी। मौत के 3 महीने पहले ही संजीव की शादी इटावा की रहने वाली मीनाक्षी से हुई थी।
– मीनाक्षी का आरोप है- ”पति की मौत के बाद देवर राहुल ने उसे घर से निकाल दिया। इसके बाद प्रॉपर्टीज की फर्जी वसीयत बनाकर अपने नाम करवा लिया।”
– ”इस काम में रजिस्ट्रार ऑफिस के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी उनका साथ दिया। इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उन्होंने संजीव की काफी सम्पत्ति को बेच भी डाला था।”
– ”श्याम बहार गुटखा के ट्रेडमार्क को भी राहुल ने गलत हलफनामें के आधार पर हथिया लिया। जब मुझे इस फर्जीवाड़े की जानकारी हुई तो मैंने उच्च अधिकारियों से शिकायत की। इसको लेकर वजीरगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज है।”
– कोर्ट के आदेश पर राहुल के खिलाफ कई आपराधिक और फर्जीवाड़े का मुकदमा अलग-अलग आरोपों के लिए दर्ज था। कोर्ट द्वारा दो मुकदमों में गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया था।
कई महीनों से थी पुलिस को तलाश
– गिरफ्तार राहुल काफी समय से फरार चल रहा था। कई महीनों से छिपकर स्थान बदलकर रह रहा था।
– वजीरगंज थानाध्यक्ष और अंबर गंज चौकी इंचार्ज पंकज त्यागी के संयुक्त प्रयास से राहुल को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की टीम ने उसे उसके घर से ही गिरफ्तार करने का दावा किया है।




