पाकिस्तान में मिसाइल गिरने पर रक्षा मंत्रालय का जवाब,कहा तकनीकी खराबी के कारण हुआ हादसा
गुरुवार को पाकिस्तान की सेना ने दावा किया कि बहुत ज्यादा ऊंचाई से एक सुपरसोनिक ऑब्जेक्ट भारत से आया और पाकिस्तानी इलाके में क्रैश कर गया. पाकिस्तान ने इस मामले में कहा कि यह ऑब्जेक्ट ख़ुद गिरा है और पाकिस्तान की वायु सेना इसकी निगरानी कर रही थी.
जिस पर आज (शनिवार) को रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है.उन्होंने जवाब में कहा, “तकनीकी खामी के कारण ये हादसा हुआ है और उसने घटना को लेकर गहरा खेद जताया है. रक्षा मंत्रालय की ओर से कहा गया, 9 मार्च 2022 को रूटीन मरम्मत कार्य के दौरान तकनीकी गड़बड़ीके कारण दुर्घटनावश ये मिसाइल फायर हो गई. सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और उच्चस्तरीय जांच का आदेश दिया है. रक्षा मंत्रालय ने कहा, ऐसा समझा जाता है कि मिसाइल पाकिस्तान के क्षेत्र में गिरी. हालांकि यह बेहद खेदजनक है, लेकिन राहत की बात है कि इसमें किसी भी प्रकार का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है. पाकिस्तान ने इस मामले में भारत के दूतावास प्रभारी को समन किया था और ‘उड़ने वाली भारतीय सुपरसोनिक वस्तु’ के जरिये हवाई क्षेत्र का बिना उकसावे के उल्लंघन करने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया था. साथ ही घटना की विस्तृत एवं पारदर्शी जांच की मांग की थी.
इस मामले पर पाकिस्तान के विदेश विभाग ने कहा, भारतीय राजनयिक को ‘उड़ने वाली भारतीय सुपरसोनिक वस्तु’ के जरिये हवाई क्षेत्र के कथित उल्लंघन के बारे में सूचना दी गई है. यह वस्तु भारत में सूरतगढ़ से नौ मार्च को शाम छह बजकर 43 मिनट पर पाकिस्तान में घुसी थी. यह मिसाइल पाकिस्तान में पंजाब प्रांत के मियां चुन्नु शहर में उसी दिन शाम 6 बजकर 50 मिनट पर जमीन पर गिरी, जिससे असैन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचा.
आप को बता दे की, इस मामले पर विदेश कार्यालय ने कहा, भारतीय राजनयिक को बताया गया कि इस उड़ने वाली वस्तु को अविवेकपूर्ण तरीके से छोड़े जाने से न केवल असैन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचा बल्कि इससे मानव जीवन पर भी खतरा पैदा हुआ. उसने कहा कि इससे पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में कई घरेलू/अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को भी खतरा पहुंचा और इसके चलते गंभीर विमान दुर्घटना हो सकती थी.पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भी इस घटना पर चिंता जताई.