जब शराबी पति के इलाज को मजबूर मां ने बेच दिया कलेजे का टुकड़ा
कहते हैं एक मां के लिए अपने बच्चे से बढ़कर और कुछ नहीं होता। यहां तक कि अपने बच्चे की खातिर मां अपने जीवत को भी दांव पर लगा देती है। लेकिन यहां एक एसा मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने शराबी पति के इलाज के लिए अपने कलेजे के टुकड़े का सौदा कर दिया। महिला द्वारा बेचे गए इस बच्चे को हासन जिला अस्पताल ने आखिर खोज निकाला।
क्या है मामला
जानकारी के अनुसार ज्योति नाम की एक महिला का पति बुरी तरह शराब की लत में फंस चुका है। हक्की—बक्की बंजारा जनजाति से आने वाली महिला पति की इस लत से काफी परेशान थी। इस लत से तंग आकर ज्योति एक हॉस्पिटल में उसका इलाज करा रही थी। लेकिन इलाज का खर्च उठाने के लिए महिला के पास पैसे नहीं थे। इसलिए उसने एक रिटायर्ड नर्स के साथ अपने बच्चे का सौदा कर लिया और उसको 21 हजार रुपए में बेच दिया। महिला के मुताबिक उसने अपने बच्चे को तीन महीने पहले यानी सितंबर के तीसरे हफ्ते में बेचा था। दरअसल, इस महिला ने अपना बच्चा जिस नर्स को बेचा था उसने वह एक बांझ औरत को बेच दिया था। मां एक हक्की-पक्की बंजारे जनजाति की बताई जा रही है।
ऐसे बरामद हुआ बच्चा
इस बीच बाल कल्याण समिति के सदस्यों व जिला बाल सुरक्षा सेल को एक पत्र मिला। जिसके आधार पर मिली जानकारी के बाद बच्चे को बेलूर जिले से बरामद किया गया। महिला एवं बाल कल्याण समिति की उप निदेशक पद्मा ने इस रैकेट में शामिल सभी लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं। यही नहीं इस बच्चे की मां की तलाश में जुटी समिति उसके ठिकानों पर दबिश भी डाल रही है।
बच्चे की पैदाइश से पहले ही डील पक्की
यहां सबसे चौंकाने वाली यह है कि इस बच्चे के पैदा होने से पहले ही ज्योति ने उसके सौदे की डील पक्की कर दी थी। महिला एवं बाल कल्याण समिति के चेयरपर्सन कोमाला के अनुसार ज्योति हासन रेलवे स्टेशन के पास ही एक स्थान पर रहती है। कोमाला ने बताया कि ज्योति ने एक महिला गायत्री के माध्यम से अपना बच्चा हॉस्पिटल की एक रिटायर्ड नर्स को बेचा था। दरअसल गायत्री इसी नर्स के पड़ोस में रहती थी। मिली जानकारी के अनुसार गायत्री के माध्यम से यह डील बच्चे के जन्म से पूर्व ही फिक्स कर दी गई थी। डील के अनुसार बच्चे के जन्म के बाद बच्चे को बेलूर निवासी एक बांझ महिला मंजुला देवराज को 17 सितंबर को कामधेनु चाइल्ड सेंटर में बेच दिया था।
