ईरान ने बनाई हैं अंडरग्राउंड मिसाइल सिटी

तेहरान: ईरान के बारे में दावा है कि उसने जमीन के नीचे मिसाइल रखे हुए हैं और वह नई पीढ़ी के भयानक हथियार बनाने की दिशा में काम कर रहा है। पश्चिम और विशेष रूप से इजराइयल के साथ तनाव के बीच ईरान ने अपने परमाणु शस्त्रागार को मजबूत करना जारी रखा है। परमाणु हथियार विशेषज्ञों ने भी चेतावनी दी है कि तेहरान अपने सीक्रेट परमाणु केंद्रों में से एक से छह महीने में एक बम बना सकता है। द सन की रिपोर्ट कहती है कि इन केंद्रों को ईरान ने विशाल सुरंगों के जाल के जरिए जोड़ा हुआ है। इनका सटीक स्थान ज्ञात नहीं हैं लेकिन ऐसा माना जाता है कि ईरान ने राजधानी के बाहर कम से कम सात अलग-अलग स्थानों पर परमाणु हथियार छिपाए हैं। ये सभी जमीन के नीचे 1,640 फीट की गहराई पर दबे हुए हैं।
इन परमाणु ठिकानों में सड़क-मोबाइल ट्रांसपोर्टर इरेक्टर लॉन्चर ट्रक और दूसरे हार्डवेयर के साथ भूमिगत ठिकानों से लॉन्च करने के लिए तैयार की गई अलग-अलग रेंज की मिसाइलें हैं। 2015 में इन भूमिगत स्थलों में से एक से एक का वीडियो जारी किया गया था। इसके बाद ब्रिगेडियर जनरल अमीर अली हाजीजादेह ने कहा था कि ईरान के मिसाइल अड्डे पृथ्वी की गहराई से ज्वालामुखी की तरह फूट सकते हैं। पिछले महीने ईरान ने घरेलू हमले वाले ड्रोनों के अपने तेजी से बढ़ते शस्त्रागार में जोड़ने के लिए एक नए आत्मघाती ड्रोन के निर्माण की घोषणा की थी।
प्रतिबंधों के बावजूद ईरान बना रहा हथियार
ईरान ने पश्चिम के देशों के प्रतिबंधों और हथियार प्रतिबंध के बावजूद मानव रहित हवाई वाहनों (यूएवी) की अपनी उत्पादन लाइन का आक्रामक रूप से विस्तार किया है। हालांकि जमीन के नीचे वे और क्या बनाते हैं, यह अभी देखा जाना बाकी है लेकिन ईरान ने इजरायल के साथ कुछ समय हुई तनातनी में ये जरूर दिखाया है कि उसके पास भी हथियारों का जखीरा है। ईरान ने इजरायल पर 350 से अधिक हमलावर ड्रोन और मिसाइलें दागी थीं।


