किम जोंग उन का नया पागलपन! स्पेस में तबाही मचाने वाली सैटेलाइट करेंगे लॉन्च

चीन ने जैसे ही उत्तर कोरिया के दो दुश्मनों के साथ बैठक की, ठीक वैसे ही बौखलाए किम जोंग उन ने अंतरिक्ष में विनाशक सैन्य सैटेलाइट लॉन्च करने का अलर्ट जारी कर दिया। किम जोंग उन की तरफ से स्पेस में सैटेलाइट लॉन्च करने का अलर्ट उस वक्त जारी किया गया है, जब चीन के प्रधान मंत्री ली कियांग ने सियोल में एक त्रिपक्षीय बैठक के दौरान जापान और दक्षिण कोरिया के नेताओं से मुलाकात की और इस मुलाकात के ठीक बाद उत्तर कोरिया ने जापान से कहा, कि वह 4 जून तक सैटेलाइट लॉन्च करने जा रहा है।
स्पेस में मिलिट्री सैटेलाइट लॉन्च करेगा उत्तर कोरिया जापानी मीडिया ने सोमवार (27 मई) को देश के कोस्ट गार्ड का हवाला देते उत्तर कोरिया से जारी अलर्ट को लेकर रिपोर्ट दी है, जबकि दक्षिण कोरिया की तरफ से भी कहा गया है, कि उत्तर कोरिया, एक और सैन्य जासूसी सैटेलाइट को ऑर्बिट में लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। जापानी कोस्ट गार्ड ने कहा है, कि आठ दिवसीय लॉन्च विंडो रविवार की आधी रात को जारी किया गया है। जापान के क्योदो समाचार एजेंसी के मुताबिक, उत्तर कोरिया के नोटिस में कोरियाई प्रायद्वीप और फिलीपीन द्वीप लूजोन के पास तीन समुद्री खतरे वाले क्षेत्रों के नाम बताए गए हैं, जहां सैटेलाइट ले जाने वाले रॉकेट का मलबा गिर सकता है।
उत्तर कोरिया के सैटेलाइट लॉन्च के मायने क्या हैं?
जापानी मीडिया ने एक्सपर्ट्स के हवाले से कहा है, कि जिस सैटेलाइट को अबकी बार उत्तर कोरिया लॉन्च करने वाला है, वो सैटेलाइट देश के जासूसी क्षमता को विस्तार देगा और खुफिया जानकारी जुटाने की उसकी क्षमता को नेक्स्ट लेवल पर ले जाएगा। खासकर, दक्षिण कोरिया के साथ किसी संघर्ष की स्थिति में उसे जबरदस्त फायदा हो सकता है। सियोल ने पिछले हफ्ते कहा था, कि दक्षिण कोरियाई और संयुक्त राज्य अमेरिका के खुफिया अधिकारी एक अन्य सैन्य टोही सैटेलाइट के प्रक्षेपण की अनुमानित तैयारियों की “बारीकी से निगरानी और ट्रैकिंग” कर रहे हैं। सियोल ने दावा किया है, कि यूक्रेन युद्ध में उत्तर कोरिया ने पिछले साल रूस की मदद करने के लिए हथियारों की डिलीवरी की थी और इसके बदले मॉस्को की तरफ से देश को टोही सैटेलाइट लॉन्च करने के लिए टेक्नोलॉजी मिली थी, जिससे उत्तर कोरिया को काफी फायदा हुआ है। लेकिन, इस बार का अलर्ट उस वक्त जारी किया गया है, जब दक्षिण कोरिया की राजधानी में चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने दक्षिण कोरिया और जापान के शीर्ष नेताओं के साथ एक शिखर सम्मेलन का आयोजन किया है। ये शिखर पिछले पांच सालों में तीनों देशों के बीच हुआ पहला शिखर सम्मेलन है और माना जा रहा है, कि इस बैठक ने किम जोंग उन को बौखला दिया है। उत्तर कोरिया को डर है, कि जापान और दक्षिण कोरिया, चीन के साथ उत्तर कोरिया के खिलाफ कोई समझौता कर सकते हैं।


