हर साल पड़ने वाली गर्मी से क्यों अलग है इस साल की गर्मी, जानिए क्या है कारण

देश के कई राज्यों में इन दिनों प्रचंंड गर्मी का दौर चल रहा है। इस साल सुबह, शाम हो या रात हर एक पल गर्मी का अहसास रहता है। बताया जा रहा है कि इस बार तापमान सामान्य से 6 से 8 डिग्री ज्यादा है। हीटवेव के चलते कई राज्यों में तो रेड अलर्ट भी जारी कर दिया गया है। हालांकि गर्मी तो हर साल पड़ती है लेकिन इस साल ऐसा क्या है कि गर्मी कम होने का नाम नहीं ले रही। बीते 1 से डेढ़ महीनों में लगातार गर्मी पड़ रही है।
जाहिर है कि बीते दिनों ही दिल्ली में गर्मी को लेकर रेड अलर्ट जारी किया जा चुका है। ऐसे में अन्य राज्यों की बात करें तो उत्तरप्रदेश में प्रयागराज सबसे गर्म जिला है, जहां तापमान 47 डिग्री तक पहुंच चुका है. इसके बाद कानपुर, लखनऊ, बांदा, बुंदेलखंड जैसे शहरों का नंबर है। वही बात बिहार की करें तो प्रदेश में 9 जिलों में रेड अलर्ट है और चार जिलों में येलो अलर्ट है. इसके अलावा नॉर्थ इंडिया के अन्य राज्यों में भी ये ही स्थिति है।
दरअसल गर्मी बढ़ने का अहम कारण ग्लोबल क्लाइमेट चेंज है। वही ग्लोबल वार्मिंग की वजह से अब सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में तापमान बढ़ने की खबरें हैं। यहां तक की लंदन में भी हीटवेव के अलर्ट जारी किए गए हैं। इतना ही नहीं इस वजह से नॉर्थ इंडिया में हीटवेव की स्थिति लगातार बनी हुई है। इसके साथ ही हर जगह वेदर पैटर्न में बदलाव हुआ है, अल नीनो की स्थिति भी इसका कारण है।
दरअसल जब अलनीनो की स्थिति में हवाएं उल्टी बहती हैं और महासागर के पानी का तापमान भी बढ़ जाता है, जो दुनिया के मौसम को प्रभावित करता है। इससे तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसके अलावा गर्मी बढ़ने के कारण एग्रीकल्चर स्थितियों में हो रहे बदलाव, प्रकृति का डिसबैलेंस आदि भी है। पर्यावरण में हो रहे इन बदलाव की वजह से वार्म नाइट की स्थिति बनने लगी है, जिससे रात में गर्मी से आराम नहीं मिलता।
मौसम विभाग की ओर से कई जिलों में रेड अलर्ट जारी करने की कई वजह हैं। वही मौसम वैज्ञानिक सोमा सेन रॉय ने रेड अलर्ट को लेकर कहा है कि सिर्फ मैक्सिमम टेंपरेचर हाई नहीं है, वॉर्म नाइट की भी स्थिति चल रही है, जिस वजह से रेड अलर्ट जारी किया गया है। इससे तात्पर्य है कि रात का तापमान भी काफी ज्यादा है और रात में साढ़े 4 डिग्री से ऊपर तक तापमान बना हुआ है। उन्होंने बताया इस स्थिति में हमारी बॉडी, पेड़ पौधे को तापमान कंट्रोल करने का टाइम नहीं मिलता है, जिस वजह से भी रेड अलर्ट का फैसला लिया गया है। इसके अलावा लू भरी हवाओं की वजह से भी अलर्ट लगाया गया है।




