यूरोपीय देशों के संगठन का बड़ा फैसला,पाकिस्तान को लगा झटका! ब्लैकलिस्ट में डाला

पाकिस्तान को यूरोपीय यूनियन से बड़ा झटका लगा है. यूरोपियन कमीशन ने सऊदी अरब, पनामा और चार अमेरिकी टेरिटरी को डर्टी-मनी ब्लैकलिस्ट नेशंस की सूची में डाल दिया है. ईयू एक्जिक्यूटिव के मुताबिक यह फैसला मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकियों की फाइनेंसिंग को रोकने के लिए लिया गया है. हालांकि, इस फैसले का ईयू के ही कुछ देशों ने विरोध किया है. ब्रिटेन अब सूची में शामिल देशों के साथ इकोनॉमिक संबंधों को लेकर चिंतित है. वहीं पनामा का कहना है कि उसे इस सूची में बाहर किया जाना चाहिए क्योंकि मनी लांड्रिंग के खिलाफ उसने कड़े कदम उठाए हैं.
डर्टी लिस्ट में पाकिस्तान- ईयू की इस डर्टी लिस्ट में अफगानिस्तान, दक्षिण कोरिया, इथियोपिया, ईरान, पाकिस्तान, श्रीलंका, सीरिया, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, ट्यूनीशिया और यमन भी शुमार है. इसके अलावा लीबिया, बोत्सवाना, घाना और बहामास को अब शामिल किया गया है.
अब क्या होगा– इस लिस्ट में शामिल देशों के साथ यूरोपीय देश अपने बिजनेस रिलेशन नहीं रखते है. वहीं, इन पर कई और सख्त कदम उठाए जाते है. ऐसे में पाकिस्तानी कारोबारियों को कारोबार करने में कई परेशानियां उठानी पड़ेंगी. एक्सपर्ट्स का कहना है कि उन्हें आसानी से कर्ज नहीं मिलेगा. साथ ही, उनके के लिए बिजनेस करना अब और मुश्किल भरा हो जाएगा.यह लिस्ट अभी पास नहीं हुई है. इसे ईयू कमीश्नर वेरा जुरोवा ने प्रस्तावित किया है. 28 सदस्य देशों वाली ईयू इस सूची को मेजॉरिटी वोट से रिजेक्ट कर सकती है.इसके लिए उनके पास अधिकतम दो महीने का समय है. हालांकि ईयू कमीश्नर वेरा जुरोवा का मानना है कि डर्टी-मनी ब्लैकलिस्ट से सभी सदस्य देश सहमत होंगे क्योंकि बैंकिंग सेक्टर को मनी लांड्रिंग से खतरा बढ़ रहा है.
अमेरिका हुआ नाराज– यूएस ट्रेजरी ने इस लिस्टिंग प्रॉसेस को गलत बताया और अमेरिका के चार टेरिटरी को भी इस सूची में डालने को खारिज कर दिया. सूची में अमेरिकन समोआ, यूएस वर्जिन आइसलैंड्स, प्यूर्टोरिको और गुआम को रखा गया है


