*👉🏻 हैडलाइन एक्सप्रेस की खबर पर लगी मुहर, गन हाउस वाले ही सप्लाई करते हैं अपराधियों को गोलियां ?* *👉🏻 तरनतारन सीआईए स्टाफ द्वारा अवैध असले व कारतूस सहित पकड़े दो अपराधियों ने माना कि गन हाउस से लेते थे दो नंबर में हथियार और गोलियां, गन हाउस का मालिक फरार* *👉🏻 पढ़ें पूरी खबर सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*



जालंधर, 28 नवंबर 2020-(हैडलाइन एक्सप्रेस)-पिछले दिनों में हैडलाइन एक्सप्रेस ने एक अभियान चलाया था जिसमें अपराधियों को अवैध रूप से गोलियां सप्लाई करने के बारे में लिखा गया था। उसमें एक प्रश्न यह भी उठाया गया था कि क्या गन हाउस वाले मोटी कमाई करने के चक्कर में अपराधियों को गोलियों सप्लाई करते हैं। इसी बात पर अब मुहर लगती दिखाई दे रही है। क्योंकि तरनतारन शहर के सीआईए स्टाफ ने दो अपराधियों को पकड़ा है जबकि एक मौके से फरार होने में सफल हो गया। जिनके पास से पुलिस ने अवैध असला और कारतूस बरामद किए हैं। तरनतारन सीआईए स्टाफ के इंचार्ज शिंदर सिंह ने गश्त दौरान बॉर्डर एरिया पट्टी के पास से दो युवकों सुखबीर सिंह उर्फ सुख, गुरविंदर सिंह उर्फ फरीदी को काबू कर लिया जबकि माझा गन हाउस पट्टी का मालिक जसकरण सिंह निवासी मन्याला जै सिंह मौके से फरार हो गया। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के पास से एक 32 बोर की रिवाल्वर और 9 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस पूछताछ दौरान आरोपियों ने बताया कि वह माझा गन हाउस के मालिक जसकरण से अवैध रूप में हथियार और गोलियां खरीदते हैं। इस घटना से एक बात तो साफ होती है कि अपराधियों को अवैध रूप से असला/कारतूस कुछ गन हाउस वाले ही सप्लाई करते हैं। एक बात तो साफ हो जाती है कि असला तो यूपी-बिहार में में कई घरों में अवैध रूप से तैयार किया जाता है, जो कि अपराधियों तक पहुंच जाता है। मगर गोलियां सिर्फ भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त फैक्ट्रियों में ही बनती है। यही गोलियां लाइसेंसी गन हाउस वालों के पास पहुंचती हैं और ऐसे ही कुछ गन हाउस मालिकों के पास से यह गोलियां अपराधियों तक पहुंच जाती हैं। अपनी मोटी कमाई के चक्कर में कुछ गन हाउस मालिक 2 नंबर में गोलियों की सप्लाई करते हैं। यही दो नंबर की गोलियां किसी ना किसी की जान लेती है। ऐसे ही कुछ मामले हमारे सामने आए हैं जिनमें अवैध हथियारों और कारतूसों का इस्तेमाल किया गया है या पकड़े गए हैं।
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— इन केसों में सामने आया अवैध हथियारों का इस्तेमाल–
1.जालंधर में कुछ दिन पहले संगत सिंह नगर की गली नंबर 10 में एक परिवार पर रात 12:45 बजे गोलियां चलाई गई थी। गोलियां चलाने वाले तीनों आरोपियों को जालंधर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था और उनके पास से अवैध असला व कारतूस बरामद किए हैं।
2.वहीं बीते दिनों आदमपुर में एक सैलून में दाढ़ी बनवाने आए सागर नामक युवक को गोलियां मारकर कत्ल कर दिया गया। अपराधियों द्वारा सागर के दो दोस्तों को भी गोलियां मारी गई जिनका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है और भागते समय आरोपियों के हाथ से उनकी पिस्टल भी गिर गई जिसमें पांच जिंदा कारतूस भी पड़े हुए थे।
3.तीसरा मामला अमृतसर का है जहां पर गैंगवार में एक गैंग ने बदला लेने के लिए दूसरे गैंग के सदस्य को सड़क पर गोलियां मार कर क़त्ल कर डाला और उसकी मौत के बाद वहां पर उन्होंने भंगड़ा भी डाला। इन अपराधियों ने भी वारदात को अंजाम देने के लिए अवैध हथियारों का ही इस्तेमाल किया था।
4.दूसरी तरफ बीते दिनों जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने एक चर्चित अपराधी अजय पाल सिंह उर्फ निहंग को 7 अवैध पिस्तौलों और 100 से ज्यादा कारतूस सहित गिरफ्तार किया है। इन सभी मामलों से एक बात साफ होती है कि आरोपियों ने वारदातों को अंजाम देने के लिए अवैध हथियारों और कारतूसों का इस्तेमाल किया है। अब अवैध हथियार तो आरोपी यूपी-बिहार से खरीद कर ला सकते हैं लेकिन गोलियां इनको कहां से मिलती है यह गौर करने वाली बात है। अगर पुलिस गहराई से इन लोगों से पूछताछ करे तो इस प्रश्न का उत्तर भी मिल सकता है।

