नकली कॉल सेंटर का भंडाफोड़: फर्जी बीमा पॉलिसी बेचकर करोड़ों की ठगी, पढ़िए पूरा मामला

नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा में एक नकली कॉल सेंटर का भंडाफोड़ हुआ है। इस कार्रवाई में पुलिस दो पूर्व बीमा एजेंटों को पकड़ा है। उन पर फर्जी लोन और बीमा पॉलिसी बेचकर करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप है। पुलिस ने बताया कि आशीष और जितेंद्र नाम के ये दोनों आरोपी 2019 में एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस में काम करते थे। नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने 2,500 रुपये में इंडियामार्ट से लगभग 10,000 लोगों का डेटा खरीदा और फिर इन लोगों को लोन और बीमा देने के बहाने कॉल करके ठगी करने लगे। ठगी का यह धंधा नोएडा के सेक्टर 51 स्थित एक इमारत की चौथी मंजिल पर चल रहा था। पुलिस ने इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें नौ महिलाएं भी शामिल हैं।
बताया जा रहा कि ये फर्जी कॉल सेंटर करीब एक साल से भी ज्यादा समय से चल रहा था। जिन 9 महिलाओं को पकड़ गया वो कॉल सेंटर में एक्जीक्यूटिव बनकर लोगों को कॉल किया करती थीं। वो लोगों को पहले तो फर्जी लोन और बीमा पॉलिसी की जानकारी देती और जब कस्टमर चंगुल में फंस जाते तो पूरा खेल होता था। पुलिस ने बताया कि गिरोह के सदस्य फर्जी आधार कार्ड के जरिए सिम कार्ड खरीदते थे और अपनी पहचान छुपाने के लिए इनका इस्तेमाल करते थे।
झूठे वादे और ज्यादा रिटर्न का दांव चल फांसते थे ग्राहक
फर्जीवाड़े में शामिल ये आरोपी पहले तो लोग को झांसे में फंसाने के लिए उन्हें लोन पर ज्यादा रिटर्न और आकर्षक बीमा पॉलिसी का झांसा देते। गिरोह कमीशन के आधार पर काम करता था, यानी जितने ज्यादा लोगों को ठगा जाता था, उतनी ही ज्यादा कमाई होती थी। पीड़ितों से मिले पैसे कर्नाटक के अरविंद नाम के एक शख्स के पंजाब नेशनल बैंक खाते में जमा किए जाते थे। अरविंद को यह खाता किराए पर देने के लिए हर महीने 10,000 रुपये मिलते थे। आशीष और जितेंद्र फिर नोएडा में डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करके पैसे निकाल लेते थे।
पुलिस के हाथ लगी काली डायरी
पुलिस ने छापेमारी के दौरान आशीष के पास से एक काली डायरी बरामद की है। इस डायरी में एक साल से चल रहे इस घोटाले के दौरान हुए हर लेन-देन का ब्योरा दर्ज था। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि सीआरटी और स्थानीय सेक्टर 49 पुलिस थाना के अधिकारियों ने संयुक्त अभियान चलाकर इस गिरोह का भंडाफोड़ किया। उन्होंने यह भी बताया कि इस गिरोह के खिलाफ रांची में भी इसी तरह के एक मामले में केस दर्ज है।
दो पूर्व बीमा एजेंट करते थे खेल
डीसीपी ने कहा कि आरोपी आशीष और जितेंद्र ने 2019 में एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस में काम करने के बाद यह धोखाधड़ी शुरू की थी। उन्होंने इंडिया मार्ट से लगभग 10,000 लोगों का डेटा 2,500 रुपये में खरीदा और लोन और बीमा की पेशकश के बहाने पूरे भारत में लोगों को कॉल करना शुरू कर दिया। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान मुख्य आरोपी आशीष कुमार उर्फ अमित और जितेंद्र वर्मा उर्फ अभिषेक के रूप में की है। गिरफ्तार की गई नौ महिलाओं की भी पहचान हो चुकी है। इस मामले में नई भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई है और सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।





