जालंधर में पत्रकार व मानवाधिकार संगठन के चेयरमैन किडनैपिंग केस में हाईकोर्ट का सख्त रवैया,
डी.जी.पी. पंजाब और जालंधर के पुलिस कमिश्नर सहित 19 अधिकारियों को भेजे समन
जालंधर में 16 फ़रवरी 2025 को कर्नाटक पुलिस और जालंधर पुलिस ने ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन फ्रंट के चैयरमैन राजीव कुमार शर्मा को अगवा कर लिया था और कर्नाटक के बीदर में भी नजायज हिरासत में रखा,
इसके साथ ही उक्त अधिकारियों ने राजीव कुमार शर्मा के पड़ोसी संजीव कुमार गुप्ता को भी नजायज हिरासत में ले लिया था
और
उसको नंगा करके पीटा व उसके गुप्त अंगो पर बिजली का करंट भी लगाया गया था। जिसकी शिकायत पीड़त ने जालंधर पुलिस कमिश्नर को भी दी थी, पर कोई कार्रवाई नही हुई। जिस पर पीड़ित ने माननीय हाइकोर्ट का रुख किया। जिस पर माननीय जज साहिब ने प्रिंसिपल सेक्रेटरी पंजाब,डी.जी.पी. पंजाब और जालंधर के पुलिस कमिश्नर सहित अपने पद का दुरुपयोग करने वाले अधिकारियों को समन भेज कर माननीय हाइकोर्ट में पेश होकर रिपोर्ट देने के आदेश दिए है। माननीय हाइकोर्ट द्वारा प्रिंसिपल सेक्रेटरी पंजाब,डी. जी. पी. पंजाब और जालंधर की पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर,मिस्टर चंद सिंह (ADCP Opreation & security jalandhar), क्राइम ब्रांच जालंधर के इंचार्ज इंस्पेक्टर रविंदर कुमार,ऐ. एस. आई. गुरविंदर सिंह,ऐ. एस. आई. राजेश कुमार,मुंशी निशान सिंह, कॉन्स्टेबल जतिंदर बाबा,थाना डिवीजन-1 के प्रभारी अजायब सिंह,ऐ. एस. आई. श्यामजी लाल,ऐ. एस. आई.तरसेम लाल,ऐ. एस.आई.सुरजीत सिंह,कर्नाटक पुलिस के इंस्पेक्टर शिव आनंद अदवेश, कॉन्स्टेबल श्री शैलगिरी, हैडकांस्टेबल रामबोइन,हैडकांस्टेबल दामोदर को 24/04/2025 को अदालत में पेश होकर रिकार्ड पेश करने के लिए समन भेज दिए हैं।
–क्या था मामला–
दरअसल कर्नाटक के बीदर में जनवरी महीने में दो लुटेरे आलोक और अमन ने गोलियां चलाकर कैश वैन लूट ली थी। इसी मामले में कर्नाटक के बीदर में पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। उक्त लुटेरों में से एक लुटेरा बिहार का रहने वाला था। पुलिस ने दबिश देते हुए लुटेरे के परिजनों को उठा लिया और 10 दिनों तक उनकी गिरफ्तारी नहीं दिखाई। इसके बाद उक्त लुटेरे की बहन ने जो पड़ोस में रहने वाले राजीव शर्मा को जिसे लड़की चाचा कहती थी उन्हें मदद के लिए कहा। राजीव शर्मा ने उन्हें हाईकोर्ट में रिट डालकर वारंट अफसर भेजने की सलाह दी। जिसका पता कर्नाटक पुलिस को चला तो उन्होंने 10 दिन पहले पकड़े हुए लुटेरे के परिजनों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया। इसके बाद पुलिस ने लुटेरे की बहन को भी गिरफ्तार कर लिया और उसे पूछा कि कोर्ट में रिट डालने के लिए उसे किसने सलाह दी थी? घबराई हुई लड़की ने कर्नाटक पुलिस को बता दिया कि राजीव शर्मा ने उन्हें हाईकोर्ट में वारंट अफसर के बारे में बताया था। इसी बात को लेकर कर्नाटक के बीदर थाने की पुलिस 16 फ़रवरी को जालंधर पहुंची जो कि अपने साथ जालंधर क्राइम ब्रांच के प्रभारी रविंद्र कुमार और अन्य मुलाजिमों को साथ लेकर आई थी। उन्होंने न्यू शीतल नगर स्थित राजीव के घर पर रेड की और जबरदस्ती उन्हें अगवा करके ले गए और राजीव के घर से लाखों रुपए और सोने के गहने भी ले गए। इसके बाद इस मामले के बारे में पंजाब मानवाधिकार संगठन के राष्ट्रीय प्रधान शशी शर्मा को पता चला तो उन्होंने वारंट अफसर के जरिए जालंधर क्राइम ब्रांच में पता करवाया कि राजीव शर्मा कहां पर है क्योंकि ना तो जालंधर क्राइम ब्रांच और ना ही कर्नाटक पुलिस राजीव शर्मा के बारे में कुछ बता रही थी। वारंट अफसर की छापेमारी के बाद कर्नाटक पुलिस ने राजीव शर्मा की गिरफ्तारी दिखा दी लेकिन उन्होंने अपनी FIR में यह बताया कि राजीव शर्मा 19 जनवरी को बीदर में एक बैग लेकर घूम रहा था जिसे उन्होंने गिरफ्तार कर लिया, जबकि 16 जनवरी जिस दिन जालंधर क्राइम ब्रांच के प्रभारी रविंद्र कुमार और अन्य मुलाजिमों ने शीतल नगर स्थित राजीव के घर पर रेड की थी उसकी वीडियो और फोटो सभी कुछ शशी शर्मा के पास मौजूद है। जिससे पुलिस के झूठ की पोल खुल गई। राजीव शर्मा मामले में हाईकोर्ट में पटीशन डाली गई। जिसके बाद माननीय अदालत ने संज्ञान लेते हुए डीजीपी पंजाब सहित 19 लोगों को रिकॉर्ड सहित अदालत में पेश होने के समन जारी किए हैं।
