जालंधर के रामामंडी ढिलवां रोड पर काटी गई अवैध कॉलोनी फिर चर्चा में,ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन फ्रंट के प्रधान ने पंजाब सरकार,डायरेक्टर विजिलेंस ब्यूरो, डायरेक्टर लोकल गवर्नमेंट को दी शिकायत

अकाली दल से आम आदमी पार्टी में आए एक छोटे नेता का इस अवैध कॉलोनी को संरक्षण
मुख्यमंत्री पंजाब के आदेशों को रिश्वत के जोर पर ठेंगा दिखा रहे निगम कमिश्नर
जालंधर (हैडलाइन व्यूरो) जालंधर के रामामंडी ढिलवां रोड पर काटी गई अवैध कॉलोनी इन दिनों काफी चर्चा में है। इसका कारण अकाली दल से आम आदमी पार्टी में आए एक छोटे नेता के संरक्षण में ढिल्लों पैलेस के पास काटी गई अवैध कॉलोनी है। इस अवैध कॉलोनी से सरकार को चेंज ऑफ लैंड यूज सहित करोड़ों रुपये का रेवेन्यू मिलने वाला था, वह फीस अब आम आदमी पार्टी के छोटे नेता और नगर निगम के भ्रष्ट अधिकारियों की जेब गर्म करेगी।
एक तरफ जालंधर नगर निगम कंगाली की हालत से गुजर रहा है। यहां काम करने वाले कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा और शहर के विकास कार्यों के लिए नगर निगम की जमीन बेची जा रही है या मोटे ब्याज पर लोन लेना पड़ रहा है।
इस अवैध कॉलोनी को लेकर ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन फ्रंट के प्रधान राजीव शर्मा ने मुख्यमंत्री पंजाब, डायरेक्टर विजिलेंस विभाग और डायरेक्टर लोकल गवर्नमेंट को शिकायत दी है कि पंजाब सरकार इस अवैध कॉलोनी काटने वाले के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करे। सरकार के आदेशों के खिलाफ अवैध तरीके से कॉलोनी काटने वालों की संपत्ति सहित इस अवैध कॉलोनी को कुर्क किया जाए।
ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन फ्रंट के प्रधान ने पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को लिखी शिकायत में याद दिलाया है कि सरकार ने कहा था कि साल 2024 के बाद अगर कोई अवैध कॉलोनी काटता है तो अवैध कॉलोनी काटने वाले आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा और उनकी संपत्ति को कुर्क किया जाएगा।
इसके अलावा डायरेक्टर विजिलेंस विभाग को शिकायत दी गई है कि इस अवैध कॉलोनी को काटने में नगर निगम के जिन-जिन अधिकारियों और नेताओं का हाथ है, उनके खिलाफ भी भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया जाए। इस अवैध कॉलोनी में जो सड़कें या गलियां बनाई गई हैं, उन्हें तोड़ा जाए। सीवर और वाटर सप्लाई के जो अवैध कनेक्शन जोड़े गए हैं, उन्हें काटा जाए और इस अवैध कॉलोनी में “यह कॉलोनी अवैध है” का बोर्ड लगाया जाए। यह सारी कार्रवाई और बोर्ड लगाने का खर्चा अवैध कॉलोनी काटने वाले से वसूला जाए।
साथ ही शिकायत में सरकार से यह भी मांग की गई है कि अगर 15 दिनों में इस अवैध कॉलोनी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो फ्रंट इस मामले को माननीय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पंजाब सरकार, नगर निगम जालंधर, डायरेक्टर विजिलेंस विभाग और मेयर जालंधर को पार्टी बनाकर रिट पिटीशन फाइल करेगा।
