*👉🏻 माननीय हाईकोर्ट के आदेशों को नहीं मानते निजी स्कूल प्रबन्धक* *👉🏻 खस्ताहाल वाहन में स्कूली बच्चों को बिठाकर उनकी जान से किया खिलवाड़*
जालंधर,28 अप्रैल-(प्रदीप भल्ला)-29वें सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान आज डिफेंस कॉलोनी स्थित सेंट जोसफ स्कूल के प्रबंधकों द्वारा हाईकोर्ट के आदेशों को एक बार फिर से ठेंगा दिखा दिया। जिसका ताजा उदाहरण बीएमसी चौक में देखने को मिला। बीएमसी चौक में कड़कती धूप में सड़क पर खड़े नन्हे स्कूली विद्यार्थियों ने बताया कि वह डिफेंस कॉलोनी स्थित सेंट जोसफ स्कूल में पढ़ते हैं। छुट्टी होने पर वह रोजाना की तरह स्कूल द्वारा मुहैया करवाए गए वाहन में बैठकर अपने घरों को जा रहे थे कि खालसा कॉलेज फ्लाईओवर पर वाहन रुक गया। खस्ताहाल होने के कारण वाहन स्टार्ट नहीं हो रहा था। वाहन चालक ने बच्चों को नीचे उतर वाहन को धक्का लगाने के लिए कहा। बच्चों ने धक्का लगा कर किसी तरह वाहन को स्टार्ट किया। लेकिन बीएमसी चौक के पास पहुंच चौपहिया वाहन (मैटाडोर) फिर से खराब हो गया। जिसे देख बच्चों ने रोना शुरु कर दिया। ज्यादा गर्मी होने के कारण कुछ बच्चे बेहोश भी होने लगे। जिन्हें पास ही खड़े ट्रैफिक कर्मियों ने छांव में बिठाकर पानी पिलाया। बीएमसी चौक में बच्चों की हालत देख कांग्रेसी नेता राजीव कक्कड़ ने ट्रैफिक के एसीपी हरबिंदर सिंह भल्ला को पूरी जानकारी दी। जिस पर पहुंचे ट्रैफिक कर्मियों ने खस्ताहाल वाहन का चालान किया और दूसरा वाहन मंगवा बच्चों को उनके घर भेजा। लेकिन इस बात से यह जाहिर होता है कि माननीय हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद स्कूल प्रबंधक खस्ताहाल वाहनों में बच्चों को बिठाकर उनकी जान के साथ खिलवाड़ क्यों कर रहे हैं। इस स्कूली वाहन में भी जरूरत से ज्यादा बच्चों को बैठाया हुआ था और वाहन की सड़क पर चलने की अवधी भी समाप्त हो चुकी थी। अगर समय रहते इस वाहन से बच्चों को ना उतारा जाता तो हो सकता है आगे चलकर कोई बड़ा हादसा हो जाता। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि सभी स्कूलों के वाहनों की नियमित रूप से चेकिंग की जाए और अगर कोई कमी पाई जाती है तो स्कूल प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई की जाए।



