इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की मुश्किलें बढ़ी, एक और केस हारने के साथ ही अलॉटी को 1 महीने में देने होंगे 27 लाख रुपए
जालंधर,27 फरवरी 2020-(प्रदीप भल्ला)- कर्ज में डूबे हुए इंप्रूवमेंट ट्रस्ट जालंधर के लिए एक और मुसीबत खड़ी हो गई है। ट्रस्ट स्टेट कंज्यूमर कोर्ट में एक और केस हार गया है। जिसमें ट्रस्ट को एक महीने के अंदर-अंदर अलॉटी को 27 लाख रुपए चुकाने पड़ेंगे। अगर ट्रस्ट अलॉटी को निर्धारित समय के अंदर राशि अदा नहीं कर पाता तो चेयरमैन के खिलाफ वारंट भी जारी हो सकता हैं। इस बारे में जानकारी देते हुए अलॉटी अश्विनी मल्होत्रा ने बताया कि उन्होंने 6 सितंबर 2011 को सूर्या एनक्लेव एक्सटेंशन में प्लाट अप्लाई किया था। जिसके लिए उन्होंने 2 लाख 60 हज़ार की एडवांस राशि भी जमा करवाई थी। जिसके बाद ट्रस्ट द्वारा 7 जून 2016 को उन्हें 130 डी नंबर का 153 गज का प्लाट अलॉट किया गया। जिसका कब्जा उन्हें जनवरी 2019 को दिया जाना था, लेकिन कब्जा देने की बात तो दूर ट्रस्ट उन्हें यह भी नहीं बता पा रहा था कि उनका प्लाट सूर्या एंक्लेव एक्सटेंशन में किस स्थान पर है।
ट्रस्ट के अधिकारी कभी उन्हें कोई जगह दिखाकर यह कहते थे कि यह प्लाट उनका है तो कभी उसके साथ वाली जगह दिखा कर कहते थे कि यह प्लाट आपका है। लेकिन आज तक ट्रस्ट के अधिकारियों को खुद ही नहीं पता था कि कौन सा प्लाट उन्हें अलाट किया गया है। जिसके बाद अश्विनी मल्होत्रा बीबी भानी कंपलेक्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान दर्शन सिंह अहूजा से मिले। जिन्होंने अश्विनी मल्होत्रा को स्टेट कंज्यूमर कोर्ट में केस फाइल करने के लिए कहा और उनका पूरी तरह से सहयोग भी किया। सारे तथ्यों की जांच पड़ताल के बाद स्टेट कंज्यूमर कोर्ट ने फैसला अलॉटी के हक में करते हुए इंप्रूवमेंट ट्रस्ट को आदेश जारी किया कि वह अलॉटी अश्विनी मल्होत्रा को 1 महीने के अंदर-अंदर 27 लाख रुपये का भुगतान करे। अगर ट्रस्ट अलॉटी को भुगतान नहीं कर पाता तो ट्रस्ट चेयरमैन के खिलाफ वारंट भी जारी हो सकता है। बीबी भानी कंपलेक्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान दर्शन सिंह आहूजा ने बताया कि ट्रस्ट का नियम है कि जब कोई अलॉटी 25% पेमेंट जमा करवा देता है तो वह जमीन का कब्जा लेने का हकदार हो जाता है, लेकिन इस केस में कब्जा तो दूर की बात इंप्रूवमेंट ट्रस्ट अलॉटी को उनका प्लाट भी नहीं दिखा पा रहा था।
