कोरोना वायरस के कम हो रहे केसों के मद्देनजर मैरिटोरियस स्कूल स्थित कोविड केयर सेंटर बंद करने का फैसला, सभी मरीज सिविल अस्पताल में किए जाएंगे शिफ्ट सेहत विभाग व जिला प्रशासन के अधिकारियों को कांटेक्ट ट्रेसिंग और ज्यादा से ज्यादा लोगों की टेस्टिंग करने का निर्देश दिया निजी अस्पतालों को इमरजेंसी में आने वाले प्रत्येक मरीज को बढ़िया स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के लिए कहा
जालंधर, 1 अक्टूबर-कोरोना वायरस के लगातार कम हो रहे केसों और मौतों के मद्देनजर सेहत विभाग के प्रिंसिपल सैक्रेटरी के साथ हुई बातचीत के बाद जिला प्रशासन ने मैरिटिरयस स्कूल, कपूरथला रोड में चल रहे कोविड केयर सेंटर को बंद करने का फैसला लिया है। यहां मौजूद सभी 24 मरीजों को सिविल अस्पताल में शिफ्ट कर दिया जाएगा। ये जानकारी डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने वीरवार शाम को सेहत विभाग व जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ हुई एक बैठक में दी।
उन्होंने बैठक में कुछ प्राइवेट अस्पतालों की तरफ से इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के इलाज में देरी का गंभीर नोटिस लेते हुए कहा कि इस मामले में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निजी अस्पतालों से कहा कि वह इमरजेंसी में आने वाले हरेक मरीज को इलाज उपलब्ध करवाएं ताकि उन्हें सेहत सुविधाओं के लिए किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस बीच उन्होंने पॉजिटिव मरीजों की कांटेक्ट ट्रेसिंग और ज्यादा से ज्यादा लोगों की कोरोना टेस्टिंग पर जोर देते हुए कहा कि इस वायरस के फैलाव को रोकने के लिए यह दोनों कदम मील का पत्थर साबित होंगे। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि कांटेक्ट ट्रेसिंग और टेस्टिंग मुहिम को तेज करना समय की जरूरत है क्योंकि किसी पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आने वाले जितने ज्यादा लोगों की पहचान की जाएगी, इस वायरस के फैलाव को रोकने में उतनी ही मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आने वाले लोग जितनी जल्दी आईसोलेट हो जाएंगे, वायरस के फैलने की कड़ी वहीं पर रूक जाएगी।
इस मौके पर एडीसी (डी) विशेष सारंगल, एसडीएम राहुल सिंधू, डॉ. संजीव शर्मा, डॉ. जयइंद्र सिंह, गौतम जैन, पुडा ईओ नवनीत कौर बल, निगम की ज्वाइंट कमिश्नर इनायत गुप्ता, सहायक सिविल सर्जन डॉ. गुरमीत कौर दुग्गल व अन्य मौजूद थे।


