*👉🏻 श्री गुरु नानकदेव जी की शिक्षाओं पर चलकर ही समाज को खुशहाल और प्रगति के पथ पर बढ़ाया जा सकता है – अविनाश जायसवाल* *👉🏻 पढ़ें खबर सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
06 नवंबर 2020-(एच.ई)-सर्व सांझा सभ्याचार मंच द्वारा संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधन में वेबीनारों का संचालन भारत सरकार की संचालन कमेटी के सदस्य स. हरभजन सिंह दओल ने बताया कि यह सभी प्रोग्राम भारत सरकार द्वारा इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के द्वारा संचालित किए जा रहे है। श्री गुरु नानकदेव जी के 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित श्रंखला के अन्तर्गत आयोजित आॅनलाइन व्याख्यान में राष्ट्रीय सिख संगत के राष्ट्रीय महामंत्राी श्री अविनाश जायसवाल जी ने बताया कि श्री गुरु नानकदेव जी की शिक्षाओं पर चलकर ही समाज को खुशहाल और प्रगति के पथ पर बढ़ाया जा सकता है। श्री गुरु नानक देव जैसा महान पुरुष जब बोलता है तब हम अपने अर्थ उसमें जोड़ लेते है। हम श्री गुरु नानकदेव जी के कहे अनुसार अपने आप को नहीं ढालते, हम गुरु नानकदेव जी के शब्दों को अपने अनुसार ढाल लेते है। इसी कारण अर्थ का अनर्थ हो जाता है। हमें अपना रास्ता छोड़कर श्री गुरु नानकदेव जी के बताए हुए मार्ग पर चलना चाहिए तभी हमारा और समाज का उद्धार होगा। पूर्व लेफ्रिटनेट जनरल स. गुरमीत सिंह जी ने कहा कि श्री गुरु नानकदेव जी के रंग में रंग जाओ। अगर आप श्री गुरु नानकदेव जी के रंग में नहीं रंग सकते तो दूसरा उपाय यह है कि श्री गुरु नानकदेव जी को अपने रंग में रंग लो। दूसरा उपाय सरल है। हम केवल वही सुनते जो हम सुनना चाहते हैं। हम उसमें से वही अर्थ निकाल लेते है जो हमारे अनुकूल है। शहीद भगत सिंह सेवा दल के संयोजक स. जितेंद्र सिंह शंटी ने कहा कि श्री गुरु नानकदेव जी ने पूरी दुनिया को मौहब्बत तथा भाईचारे का पैगाम दिया। श्री गुरु नानकदेव जी अपने जीवन के 24 वर्ष तक अपने साथी बाला, मरदाना के साथ पूरी दुनिया की यात्रा करते हुए मानवता का उद्धार किया। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंध्क कमेटी-धर्म प्रचार समिति के उपाध्यक्ष स. सरबजीत सिंह जी ने कहा कि श्री गुरु नानकदेव जी ने जीवन के सभी पक्षों मानवीय व्यवहार,ज्ञान-विज्ञान, आध्यात्मिकता, दया, धर्म, प्रकृति, ब्रह्माण्ड, सृष्टि पर अपनी रचनाओं में जो उल्लेख किया है वे आज भी हिन्दोस्तान के शोध्कर्ताओं के लिए महान ज्ञान का भण्डार है। इन कार्यक्रमों को सफल करने में डाॅ. सच्चिदानन्द जोशी-सदस्य सचिव, डाॅ. अचल पण्डया-चीफ काॅर्डिनेटर का सहयोग मिल रहा है। सारे वेबीनारों का संचालन स. हरभजन सिंह दओल-;सदस्य-संचालन समिति-भारत सरकारद्ध प्रमुख कवि दरबार श्रंखला बाखूबी अंजाम दे रहे है।


