कमल हासन पर चप्पल के बाद अब अंडे और पत्थर से हमला, रैली की इजाजत नहीं

तमिलनाडु(हैडलाइन ब्यूरो)अभिनेता से नेता बने कमल हासन का एक बार फिर विरोध हुआ है. गुरुवार को एक चुनावी जनसभा में उनपर अंडे और पत्थर फेंके गए. तमिलनाडु के अरावकुरिची में कमल हासन जब अपना भाषण खत्म करके मंच से नीचे उतरे तभी दो लोगों ने उनपर हमला किया. आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. मामले की जांच जारी है.
कमल हासन के नेतृत्व वाली मक्कल निधि मैयम (एमएनएम) के कार्यकर्ताओं ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और सुरक्षा में कमी के लिए पुलिस की आलोचना की. इस बीच, कोयंबटूर जिला पुलिस ने शुक्रवार को सुलूर उपचुनाव में प्रचार करने के लिए कमल हासन को अनुमति देने से इंकार कर दिया है. एमएनएम के सूत्रों का कहना है कि वे कैंपेन पर अंतिम फैसले के लिए पुलिस की अनुमति का इंतजार कर रहे हैं.
बीते दो दिनों में कमल हासन का दूसरी बार विरोध हुआ है. बता दें कि कमल हासन हिंदू आतंकवाद वाले बयान के बाद से निशाने पर हैं. इससे पहले मदुरै में एक जनसभा के दौरान उनपर चप्पल फेंकने की कोशिश भी की गई. मदुरै पुलिस के अनुसार कुछ लोगों ने कमल हासन की जनसभा में हंगामा करने और उनपर चप्पल फेंकने की कोशिश की गई.
पुलिस के अनुसार, मदुरै के तिरुप्पारनकुंदरम विधानसभा क्षेत्र में कमल हासन के मंच पर भीड़ की ओर से 4 चप्पलें फेंकी गईं, लेकिन गनीमत रही कि वह सभी मंच से दूर रह गईं.
तमिलनाडु में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मक्कल नीधि मय्यम (एमएनएम) के अध्यक्ष कमल हासन ने कहा था कि आजाद हिंदुस्तान का पहला हिंदू आतंकवादी था. यह बात उन्होंने महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे के बारे में कही थी.
कमल हासन के बयान के बाद बीजेपी प्रवक्ता और वकील अश्विनी उपाध्याय की तरफ से दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका भी डाली गई थी जिस पर कोर्ट ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया. कोर्ट का कहना था कि उसे नहीं लगता कि ये याचिका हाइकोर्ट में सुनवाई के योग्य है या उनके कार्य क्षेत्र से जुड़ी हुई है.याचिका में कहा गया था कि धार्मिक आधार पर वोट हासिल करने के लिए दिए जाने वाले भाषणों पर चुनावों के दौरान रोक लगाई जानी चाहिए.
इसके अलावा कमल हासन पर केस दर्ज कराया गया. हासन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153 (ए) और 295 (ए) के तहत शिकायत दर्ज कराई गई है. उन पर हिंदुओं की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने का आरोप है.
