पुलिस ने गिरफ्तार किया एक नकली CBI अधिकारी, नीली बत्ती लगी गाड़ी का करता था इस्तेमाल
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक और फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ है.
फर्जी IAS अधिकारी देबांजन देबकी गिरफ्तारी के बाद कोलकाता पुलिस ने अब एक फर्जी CBI अधिकारी को गिरफ्तार किया है. वह नीली बत्ती लगी गाड़ी में घूमता था और गाड़ी में सीबीआई अधिकारी का स्टीकर लगाये हुए था. गिरफ्तार आरोपी का नाम सनातन रॉय चौधरी है.
पुलिस का कहना है कि सनातन रॉय चौधरी अपना परिचय स्टैंडिंग काउंसिल ऑफ वेस्ट बंगाल के अधिकारी के रूप में देता था. वह नीली बत्ती वाली कार से घूमता था. देबांजन की घटना के बाद से पुलिस ने शहर में नीली बत्ती वाले वाहनों पर निगरानी बढ़ा दी है. नीली बत्ती वाली कार दिखने पर उसे रोककर पूछताछ की जा रही है.
पूछताछ में आरोपी ने खुद को बताया सीबीआई अधिकारी
पूछताछ करने पर उसने अपना परिचय उच्च पदस्थ सरकारी अधिकारी के रूप में बताया, लेकिन वह न तो पहचान पत्र दिखा पाया और न ही अन्य कोई कागजात ही. पूछताछ शुरू होते ही वह घबरा गया और अपनी गलती कबूल कर ली. उसके बाद उसे गोरियाहाट थाने की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. पिछले हफ्ते ही पुलिस ने केंद्रीय सतर्कता आयुक्त के नाम नीली बत्ती लगाकर वाहन चलाने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया था. मोहम्मद सादिक नाम के युवक को बेनियापुकुर से गिरफ्तार किया गया है.
फर्जी आईएएस देबांजन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बढ़ा दी है निगरानी
पुलिस अधिकारियों ने चेकिंग के दौरान बेनियापुकुर थाने के न्यू पार्क स्ट्रीट इलाके में नीली बत्ती लगी गाड़ी दिखी. पुलिस अधिकारियों को शक हुआ. पुलिस ने गाड़ी चला रहे मोहम्मद सादिक से पूछताछ की, तो वह वह खुद को केंद्रीय सतर्कता अधिकारी बताया. इसके बाद उनसे संबंधित दस्तावेज दिखाने लिए कहा गया. पहले तो युवक ने पुलिस अधिकारियों को रौब दिखाने की कोशिश की, लेकिन बाद में कागजात न दिखाने पर युवक को गिरफ्तार कर लिया गया. उनके पिता ने यह दावा किया कि उनके बेटे ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. वह एक निजी कंपनी में भी काम करता था. बाद में उसने वह नौकरी छोड़ दी थी. आरोपी के पिता ने दावा किया कि उनके बेटे को मानसिक परेशानी है. फर्जी आईएएस देबांजन देब की घटना के सामने आने के बाद पुलिस शहर के विभिन्न हिस्सों से ऐसे फर्जी सरकारी अधिकारियों को गिरफ्तार कर रही है.
