*👉🏻 –मामला यूको बैंक लूट का–* *👉🏻 लूट के मास्टरमाइंड गुरप्रीत गोपी ने जुआ हारने के बाद दिया वारदात को अंजाम, जुआ हारने के बाद एक्टिवा और लैपटॉप गिरवी रखने के लिए इधर-उधर भागा था गोपी, पढ़ें पूरी खबर सिर्फ़ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*

जालंधर, 12 अगस्त 2022-(एच.ई)-इंडस्ट्री एरिया स्थित यूको बैंक में हुई लूट की वारदात को हल करते हुए कमिश्नरेट पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से लूटी हुई रकम में से साढ़े सात लाख रुपये, एक एक्टिवा और एक देसी कट्टा बरामद कर लिया है। मगर लूट का मास्टरमाइंड गुरप्रीत सिंह गोपी अभी भी फरार है। जिसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बैंक लूट की वारदात को अंजाम देने से पहले गुरप्रीत सिंह उर्फ़ गोपी जुआ हारा था। जुए में बड़ी रकम हारने के बाद गोपी अपना एक्टिवा और लैपटॉप गिरवी रखकर रुपए लेने के लिए शहर में इधर उधर भागा था। जब उचित रकम का बंदोबस्त नहीं हुआ तो गोपी ने अपने साथियों सहित मिलकर बैंक लूट की वारदात को अंजाम दे दिया। सूत्रों के मुताबिक गोपी इतना शातिर है कि वह पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो जाता है या यूं कहिए कि जब पुलिस गोपी को पकड़ने के लिए निकलती है तो इस बात का पता गोपी को पहले ही चल जाता है तभी तो वह पुलिस की गिरफ्त से दूर है। 
–पुलिस की ढीली कार्यप्रणाली या पुलिस में शामिल काली भेड़ों के साथ के कारण शहर में होने के बावजूद नहीं पकड़ा गया गोपी–
गुरप्रीत सिंह गोपी 10 सालों से भगोड़ा है फिर भी वह शहर में खुलेआम घूमता रहा और पुलिस को उसका पता नहीं चल पाया। यह बात कहनी भी गलत नहीं होगी कि पुलिस की ढीली कार्यप्रणाली या पुलिस विभाग में शामिल काली भेड़ों के साथ के कारण गोपी आज तक बचता रहा है, क्योंकि वारदात से पहले गोपी को शहर में अलग-अलग क्षेत्रों में देखा गया था लेकिन पुलिस को इसकी जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी या यूं कहिए कि पता होने के बावजूद भी पुलिस ने गोपी को पकड़ना मुनासिब नहीं समझा। अब देखना यह है कि पुलिस कितनी जल्दी गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी तक पहुंच पाती है।