तारे में होगा विस्फोट, 80 साल में एक बार होती है ये घटना

नई दिल्ली: दुनिया भर के एस्ट्रोनॉमर की नजर इस समय टी कोरोना बोरेलिस पर टिकी है। तारों में दिलचस्पी रखने वाले भी यहां नजर टिकाए हुए हैं। दरअसल, एक सफेद छोटे तारे में विस्फोट होने की संभावना है। नासा के अनुसार, कई दशकों में होने वाले नोवा विस्फोट का समय अब करीब आ चुका है। नासा के अनुमान के अनुसार, यह घटना सितंबर के बीच हो सकती है। दिलचस्प यह है कि इस घटना को इंसान अपनी आंखों से देख सकेंगे। इसे देखने के लिए किसी महंगी दूरबीन की जरूरत नहीं होगी।
वैज्ञानिकों के अनुसार, इस तरह का विस्फोट हर 80 साल में सिर्फ एक बार होता है। यह अंतिम बार 1946 में हुआ था। आईआईएसईआर मोहाली और एस्ट्रोनॉमिकल सोसायटी ऑफ इंडिया के प्रफेसर टी. वी. वेंक्टेशवरन के अनुसार, यह एक तरह के डबल स्टार हैं। जिसमें एक छोटा तारा और एक बड़ा तारा है। छोटा तारा लगातार बड़े तारे से मैटर लेता रहता है। जिससे छोटे तारे में प्रेशर बढ़ता है और एक समय में उसमें दोहरी ताकतों की वजह से विस्फोट हो जाता है। इससे इस तरह समझना होगा कि जैसे एक बर्तन में आप पानी भर दें और उसे गर्म करते रहें। एक समय बाद भाप के दबाव की वजह से पानी बाहर आने लगेगा। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार की पूरी संभावना है कि टी कोरोना बोरेसिल विस्फोट के लिए तैयार हो रहा है। एक्सपर्ट के अनुसार, विस्फोट के समय इसकी चमक दस हजार गुना बढ़ जाती है और यह लाखों मील दूर से देखा जा सकता है।
उन्होंने बताया कि अभी जिस तारे में विस्फोट होना है वह आंखों से नहीं दिख रहा है। लेकिन विस्फोट के बाद एक तारा और जुड़ जाएगा जो करीब एक महीने तक दिख सकता है। उसके बाद वह फिर गायब हो जाएगा। लेकिन लोग अगर उसी समय इसे देखेंगे तो यह उन्हें समझ नहीं आएगा। यह शाम 7 से 8 बजे तक दिखने लगेगा। इसे पूरे भारत से देखा जा सकता है। अजय तलवार ने बताया कि इस तारे में 1866 में ऐसा हो चुका है। इसके बाद 1946 में भी ऐसा हुआ। अब 80 साल पूरे हो चुके हैं। इसी आधार पर दावा किया जा रहा है कि सितंबर में यह विस्फोट हो सकता है।





