नोटों के बिस्तर पर सोता था क्रिकेट का ये सट्टेबाज… पैसा गिनने में पुलिस की 5 मशीने हुई खराब
शहर में क्रिकेट सट्टे का रैकेट चलाने वाले मोहम्मद आसिफ सट्टे का दांव लगाने वाले साधारण सटोरिए से वह केवल दो साल में सट्टा किंग बन गया। छापा मारने पुलिस को महज एक हफ्ते के अंदा किए गए 50 करोड़ के कलेक्शन के सबूत समेत 2.65 करोड़ रूपए कैश मिले।

जिसमें से आसिफ ने 65 लाख आलमारी में छिपाए थे। बाकी 2 करोड़ उसने बिस्तर के नीचे रखे थे। वह उसी बिस्तर पर सोता था। बिस्तर के नीचे पैसा छिपाने के लिए उसने दीवान जैसा डिजाइन बनाया था। छापे के दौरान जब पुलिस पैसा तलाश कर रही थी तब उसने झांसा देने की कोशिश की थी।
पुलिस को जब्त नोटो को गिनने में चार घंटे लगाए। पुलिस के मुताबिक, बैंकों से नोट गिनने की पांच मशीनें मंगवाई गई थीं। इनमें से गिनते-गिनते एक मशीन खराब भी हो गई। इन्हें गिनने के लिए पहले बंडल बनाए गए, फिर मशीन से गिनती शुरू हुई। जब्त सारे नोट नए हैं। पुलिस को भी यहां से इतनी बड़ी रकम मिलने का अंदाज नहीं था।

अारोपी के बाहर से साधारण से दिखने वाले दो मंजिला मकान में अलमारी और बिस्तर में करोड़ाें की रकम छिपाई गई थी। छापे में गिरफ्तार किए गया आसिफ घर पर ही कैश जमा करने का सेंटर बनाया हुआ था जहां एजेंट सट्टे के पैसों का कलेक्शन कर जमा करते थे। आसिफ का आरडीए प्लॉट में आलीशन मकान है। दो मंजिला मकान के भीतर कीमती सामानों की सजावट है। उसकी प्राॅपटी भी खंगाली जा रही है। अफसरों के मुताबिक ये पता लगाया जा रहा है कि उसने हाल में कहीं कोई बड़ी प्रापर्टी तो नहीं खरीदी।
आरोपी पुलिस को झांसा देने के लिए शहर में ही कपड़े की दुकान चलाता है। पुलिस की टीम ने उसी समय वहां भी छापा मारा। दुकान से उसके साथी मोहित को गिरफ्तार किया गया। रैकेट में शामिल तीसरा साथी और आसिफ का भाई मोहसिन जो मुंबई में रहता है, अभी फरार है। ये सभी गिरोह को ऑपरेट करते थे। उनका लिंक मुंबई के सटोरियों से है।
आसिफ के घर पिछले कुछ दिनों से कार और बाइक सवार अनजान चेहरों का आना जाना बढ़ गया था। खासतौर पर क्रिकेट की सीरीज चालू होने के बाद बैग लेकर आने वाले बढ़े थे। हालांकि, वह ज्यादा लोगों से मिलता-जुलता नहीं था। आसपास वालों से भी उसका मेल-जोल कम है, लेकिन वह जिसके भी कॉन्टेक्ट में था, उन्हें यही कहता था कि उसके कारोबार से जुड़े लोग हैं।
पिछले कुछ दिनाे से लगातार क्रिकेट मैच होने के कारण आसिफ के इस गोरखधंधे की खबर मुखबिरों को भनक लग गई। उसके बाद पुलिस को इफोर्मेंशन मिलने पर पूरी प्लानिंग के तहत मकान को पहले घेरा गया। इस वजह से आरोपी को भागने का मौका नहीं मिला। पुलिस की इतनी फोर्स वहां लगी थी कि आस-पास रहने वाले लोग कुछ देर के लिए हड़बड़ा गए थे।
जांच में पता चला है कि आसिफ का भाई मोहसिन मुंबई में रहकर वहां के बुकीज से लिंक लेकर वहां रेट सेट करता था। उसके बाद मोबाइल एेप से अपने भाई को लिंक शेयर करता था। उसी आधार पर आसिफ यहां सटोरियों को लिंक भेजता था। एेप और वाॅट्सऐप के जरिये सटोरिये दांव लगाते थे। सट्टे का दांव मोबाइल पर लिया जाता था, लेकिन मैच शुरू होने के पहले ही एजेंट सटोरियों के पास जाकर पैसे कलेक्ट कर लेते थे। पैसा उसी दिन या एक दिन बाद रायपुर स्थित आसिफ के घर पहुंचा दिया जाता था। आसिफ ने पुलिस और बाकी लोगों को चकमा देने के लिए अपने घर को ही कलेक्शन सेंटर बनाया। पूरे स्टेट के एजेंट यहीं पैसा जमा करते और मैच होने के बाद जिनके दांव लगते थे, उन्हें यहीं से पैसा ले जाकर चुकारा देते थे। आसिफ ने एजेंटों को चुन-चुनकर रखा था, ताकि उनके आने जाने पर किसी को शक न हो।
