दो बहुओं के साथ घर में ही ऐसा काम करते पकड़ी गई सास, पुलिस ने 5 को दबोचा
केंद्र की सत्ता पर काबिज नरेंद्र मोदी सरकार ने साल 2016 में नोटबंदी लागू करनें के पीछे कई कराण बताए थे, जिनमें से एक बड़ा कारण नकली नोटों पर नकेल कसना भी था। ऐसा में बिहार पुलिस ने एक ऐसा खुलासा किया है, जिससे ऐसा लगता है, एक और नोटबंदी की जरूरत है!
दरअसल, बिहार के भोजपुर जिले के संदेश थाना क्षेत्र के जमुआव गांव में पुलिस ने जाली नोटों छापने वाले एक गैंग के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए लोगों में तीन महिलाओं के साथ कुल पांच लोग शामिल हैं,
जिनके पास के एक जाली नोटों को छापने वाली प्रिंटर मशीन भी बरामद की गई है।
जाली नोटों के फैक्टी का खुलासा करते हुए वरिष्ठ अधिकारी पंकज कुमार ने मीडिया से कहा कि, भोजपुर पुलिस अधीक्षक ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए उक्त जगह पर छापेमारी की थी, जहां बड़े पैमाने पर जाली नोटों की छापाई की जाती थी।उन्होंने कहा कि पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए आरोपियों को जबोचा है।
गिरफ्तार की गई तीन महिलाओं में एक सास और दो बहू हैं, जिन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार पांच आरोपियों के साथ भारी मात्रा में 100, 200 और 500 रुपये के नकली नोट भी बरामद किए गए हैं।
आपको बता दें कि यह मामला बेहद ही गंभीर है, क्योंकि आम तौर पर लोग 500 और 2000 जैसे बड़े नोटों की अदला बदली करते हुए जांच पड़तल करते हैं, लेकिन 100 और 50 रुपये के नोटों के साथ ऐसा नहीं करते। वहीं पुलिस का मानना है कि ये लोग पिछले कई दिनों से नोटों की छपाई कर रहे थे। बताया जाता है कि ये लोग ऑडर पर जाली नोटो की छपाई करते थे। ऐसे में न जाने कितने नोट बाजर में घूम रहे है?