हेमकुंड साहिब यात्रा में लापता हुए 8 श्रद्धालुओं के बारे में पुलिस को मिला अहम सुराग
अमृतसर से हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर पहुंचे आठ सिख श्रद्धालुओं के लापता होने के मामले में पुलिस के हाथ अहम सुराग लगा है।
पुलिस और एसडीआरएफ की टीम को बदरीनाथ हाईवे पर टैय्या पुल के पास सर्च ऑपरेशन के दौरान इनोवा गाड़ी की साइड विडिंग और पगड़ी के कपड़े मिले हैं। मौके पर मिले सामान की पहचान परिजनों ने की है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि इनोवा वाहन अनियंत्रित होकर अलकनंदा में समा गया होगा। परिजन अपने घरों को वापस लौट गए हैं। फिलहाल लापता हुए आठ सिख श्रद्घालुओं के पता नहीं लग पाया और न ही वाहन का कोई सुराग हाथ लगा है।
लापता श्रद्घालुओं के परिजनों ने टैय्या पुल के पास मिली पगड़ी और इनोवा गाड़ी की साइड विडिंग की पहचान कर ली है।
थानाध्यक्ष गोविंदघाट ने बताया कि सड़क के नीचे सर्च अभियान से पुलिस व एसडीआरएफ की टीम को दो पगडी, इनोवा गाड़ी का लोगो और गाड़ी की साइड विडिंग मिली है। परिजनों द्वारा इनकी पहचान कर ली गई है। उक्त स्थान पर अलकनंदा का बहाव बहुत तेज है। जनपद पुलिस, एसडीआरएनफ द्वारा सर्च अभियान जारी है।
बता दें कि पंजाब के अमृतसर जिले के महिता चौक निवासी कुलवीर सिंह, हरकेवल सिंह, पाला सिंह, गोरा सिंह, जसवीर सिंह, इकबाल सिंह, महंगा सिंह और परमजीत सिंह तीन जुलाई को इनोवा कार से गोविंदघाट पहुंचे थे। चार और पांच जुलाई को हेमकुंड साहिब के दर्शन कर वे छह जुलाई को घर वापसी के लिए गोविंदघाट पहुंचे। इसी दिन कार चालक महंगा सिंह ने अपने घर फोन कर हेमकुंड साहिब के दर्शन कर घर लौटने की बात कही थी, लेकिन उस दिन के बाद से इन सभी लोगों का कोई पता नहीं चल पाया है।
मामले में चमोली की पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट का कहना है कि श्रद्धालुओं की तलाशी के लिए पुलिस टीम गठित कर ली गई है। श्रद्धालुओं और उनके वाहन की तलाश के लिए यात्रा पड़ावों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही लापता श्रद्धालुओं की तलाश कर ली जाएगी। लापता श्रद्धालुओं के परिजन भी उत्तराखंड पहुंच गए हैं और लगातार पुलिस के संपर्क में हैं। गोविन्द घाट से जोशीमठ चमोली कर्णप्रयाग के सभी थाना चौकी होटल धर्मषलाओं के साथ पार्किंग की सीसीटीवी कैमरे चैक किये जा रहे हैं और सभी संवेदनषील जगहों पर भी पुलिस की टीम जा रही है।
गोविंदघाट गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह का कहना है कि तीन जुलाई को सभी आठों श्रद्धालु गोविंदघाट गुरुद्वारे में रात्रि विश्राम के लिए ठहरे थे। चार जुलाई को सुबह सभी श्रद्धालु हेमकुंड के लिए रवाना हुए और छह जुलाई को हेमकुंड के दर्शन कर लौट गए थे। इसके बाद वे कहां गए, कुछ पता नहीं चल पाया। अमृतसर के लापता श्रद्धालुओं के परिजन भी बृहस्पतिवार को देर शाम जोशीमठ पहुंच गए हैं। पाला सिंह उर्फ कृपाल सिंह के भाई साहब सिंह का कहना है कि एक जुलाई को सभी श्रद्धालु घर से हेमकुंड साहिब के लिए निकले थे।
