गैंगस्टर लकड़ावाला का बड़ा खुलासा, बोला- 1998 में रची गई थी इस आदमी के कत्ल की साजिश
गैंगस्टर एजाज लकड़ावाला ने मुंबई पुलिस के सामने बड़ा खुलासा किया है। उसने पुलिस को बताया कि छोटा राजन के गुर्गों ने 1998 में भगोड़े अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को जान से मारने की साजिश रची थी, लेकिन वे सफल नहीं हुए। बता दें कि दो दशकों तक फरार रहे और दाऊद के करीबी सहयोगी रहे गैंगस्टर लकड़ावाला (50) ने उसके खिलाफ दर्ज जबरन वसूली तथा हत्या के प्रयासों के मामलों में पिछले महीने गिरफ्तारी के बाद मुंबई पुलिस की अपराध शाखा की पूछताछ के दौरान यह खुलासा किया।
पूछताछ में उसने मुंबई पुलिस को बताया कि दाऊद इब्राहिम को मारने के असफल प्रयास के बाद छोटा शकील के गुर्गों ने उस पर और गैंगस्टर छोटा राजन पर हमला किया था।
अपराध शाखा के एक सूत्र ने यह भी बताया कि छोटा राजन के कुछ करीबी साथियों ने भारतीय एजेंसियों के साथ मिलकर 1998 में कराची में दाऊद इब्राहिम को मारने की साजिश रची थी।
लकड़वाला ने खुलासा किया कि दाऊद को मारने के लिए विकी मल्होत्रा, फरीद तनाशा, बालू डोकरे, लकड़ावाला, विनोद मटकर, संजय घाटे और बाबा रेड्डी की टीम कराची गई थी, लेकिन सफल नहीं हुई। उस समय दाऊद को कराची में उसकी बेटी मारिया की मौत के बाद एक दरगाह पर जाना था।
सूत्र ने बताया कि विकी मल्होत्रा और अन्य लोग दाऊद का इंतजार कर रहे थे। लेकिन दाऊद इब्राहिम नेपाल के एक सांसद से इस बारे में सूचना मिलने के बाद बड़ी सुरक्षा के साथ दरगाह आया था और उन्हें इस ऑपरेशन को टालना पड़ा।
जब टीम उस फ्लैट पर पहुंची जहां वह ठहरी थी तो छोटा राजन ने उनसे फौरन निकलने को कहा क्योंकि दाऊद को अपने खिलाफ हो रही इस साजिश की पूरी जानकारी मिल गई थी। बाद में मल्होत्रा ने नेपाली सांसद को मार दिया था, वहीं दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी मुन्ना झिंगाड़ा उर्फ सैयद मुदस्सर हुसैन ने साल 2000 में छोटा राजन पर हमला किया था।
जब ताबीज ने बचाई लकड़ावाला की जान लकड़ावाला पर भी साल 2002 में बैंकॉक के व्यस्त बोबई मार्केट में हमला किया गया था। धार्मिक प्रवृत्ति के लकड़ावाला ने दावा किया कि छोटा शकील के गुर्गों ने उसे पास से छाती, हाथ और गर्दन पर गोलियां मारीं, लेकिन वह एक ताजीब पहने होने की वजह से बच गया।