*👉🏻 मृतक प्रवीण शर्मा के बेटे कांग्रेसी नेता दीपक शर्मा के साथ राशन बांट चुके हैं पार्षद विक्की कालिया, कई लोगों के सम्पर्क में भी आ चुके हैं* *👉🏻 प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है प्रवीण शर्मा की मौत, कई लोगों के सम्पर्क में रहे हैं पिता-पुत्र* *👉🏻 इस खबर सम्बंधी पूरी जानकारी हासिल करने के लिए नीचे दिए गए हैडलाइन एक्सप्रेस के लिंक को क्लिक करें 👇🏻*
जालंधर, 09 अप्रैल 2020-(हरीश कुमार)-मिट्ठा बाजार निवासी कांग्रेसी नेता दीपक शर्मा के पिता प्रवीण शर्मा की कोरोना संक्रमित होने के कारण मौत हो गई। कांग्रेसी नेता दीपक शर्मा नार्थ क्षेत्र के विधायक बावा हैनरी और वार्ड नंबर 64 के पार्षद विक्की कालिया के काफी नजदीकी बताए जा रहे हैं।
प्रवीण शर्मा की मौत के बाद विधायक ने तो खुद को क्वॉरेंटाइन कर लिया लेकिन पार्षद विक्की कालिया की तरफ प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। प्रशासन ने ना ही पार्षद को क्वॉरेंटाइन होने के लिए कहा और ना क्वॉरेंटाइन संबंधी पासवर्ड के घर या दफ्तर के बाहर कोई स्टिकर लगाया। पार्षद विक्की कालिया ने पिछले दिनों कई घरों में जा-जा कर राशन बांटा है।
इसके अलावा उन्होंने कांग्रेसी नेता दीपक शर्मा के साथ भी कई जगह जाकर जरूरतमंदों को खाने-पीने का सामान दिया था जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर पड़ी हुई हैं। अब जब विधायक ने प्रवीण शर्मा की मौत के बाद खुद को क्वॉरेंटाइन कर लिया तो पार्षद ने एहतियात के तौर पर यह कदम क्यों नहीं उठाया और ना ही प्रशासन को दीपक शर्मा के साथ अपनी नजदीकी के बारे में बताया। परमात्मा न करे अगर पार्षद में इस बीमारी के कोई लक्षण हुए तो इन दिनों में विक्की कालिया के जरिए कोई एक या दो व्यक्ति भी संक्रमित हो गए तो वह आगे चलकर कितनों को संक्रमित करेंगे। प्रशासन ने भी इस बात की छानबीन करनी जरूरी नहीं समझी।
जब इस संबंध में पार्षद विक्की कालिया से बात करनी चाही तो उन्होंने फोन ही नहीं उठाया। हैडलाइन एक्सप्रेस के संवाददाता ने तीन चार बार विक्की कालिया को फोन किया लेकिन उन्होंने संवाददाता का फोन नहीं उठाया। अब प्रशासन को चाहिए कि वह पार्षद विक्की कालिया की जांच करवाएं और साथ ही यह भी पता करवाएं की इन दिनों में वह किन-किन लोगों के संपर्क में आए थे ताकि समय रहते सबकी जांच करवाई जाए और इस बीमारी को फैलने से रोका जाए। हैडलाइन एक्सप्रेस तो यही चाहता है कि पार्षद या उनके सम्पर्क में आये सभी लोग ठीक ही हो लेकिन एहतियात के तौर पर प्रशासन को सभी बातों पर ध्यान देना चाहिए।