*👉🏻 राज्य में नाईट कर्फ्यू में सख्ती के आदेश जारी कर कैसे कोरोना को रोकेगी सरकार* *👉🏻 क्या कोरोना रात को ही लोगों को अपनी चपेट में लेता है, क्या सुबह दुकानों और बाजारों में लोगों की भीड़ प्रशासन को दिखाई नहीं देती* *👉🏻 इस खबर सम्बंधी पूरी जानकारी हासिल करने के लिए नीचे दिए गए हैडलाइन एक्सप्रेस के लिंक को क्लिक करें 👇🏻*
जालंधर, 15 जून 2020-(एच.ई)-कोरोना वायरस के कारण राज्य में संक्रमित मरीजों की गिनती रोजाना बढ़ रही है। जिसे देखते हुए पंजाब सरकार ने अब नाइट कर्फ्यू में सख्ती करने के आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत रात 9:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक कोई भी व्यक्तिगत रूप से सड़कों पर नहीं निकल सकता। इसके साथ ही धारा 144 लगा दी गई है। वहीं सोचने वाली बात यह है कि क्या कोरोना रात 9:00 से सुबह 5:00 तक ही लोगों को अपनी चपेट में लेता है। क्या सुबह से लेकर शाम 7:00 बजे तक दुकानों और बाजारों में जो भीड़ दिखाई देती है कोरोनावायरस से उन्हें छूट प्राप्त है।
सरकार के यही फैसले लोगों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। जालंधर शहर के लोगों ने कहा कि सुबह जब दुकानें खुलती हैं तो लोगों की भीड़ वहां पर होती है। शहर के तंग बाजार फगवाड़ा गेट, अटारी बाजार, रैणक बाजार, शेखा बाजार और जालंधर कैंट के बाजार में लोगों की भीड़ देखकर प्रतीत ही नहीं होता कि राज्य में और जालंधर शहर में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है और इससे लोग दहशत में हैं। वहीं दूसरी तरफ पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन भी यह सब कुछ देखते हुए भी आंखें मूंद कर बैठा रहता है।
फगवाड़ा गेट में जितनी भी दुकानें हैं उनमें से ज्यादातर दुकानों पर लोगों की भीड़ दिखाई देती है। जिससे पता चलता है कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर कितने गंभीर है। अगर पंजाब सरकार राज्य से कोरोना वायरस को मिटाना चाहती है तो उन्हें सख्त कदम उठाने पड़ेंगे। सरकार को चाहिए कि वह ऐसे नियम बनाए जो सुबह से ही लागू हो। जिनका पालन कर लोग भी कोरोना के कहर से बच सकें, अन्यथा रात को सख्ती करने के फैसले जारी कर सरकार क्या साबित करना चाहती है यह बात समझ से परे हैं। यह तो सभी जानते हैं कि रात 9:00 बजे के बाद इक्का-दुक्का लोग ही सड़कों पर निकलते हैं। वह भी वही लोग होते हैं जिन्हें कोई जरूरी काम होता है या कोई दवाई लेने के लिए घर से निकलता है अन्यथा बिना किसी वजह से अब तो लोग रात को सड़क पर जाते ही नहीं।
–रात को मोहल्लों और कॉलोनियों में सैर करने निकलने वालों की तरफ पुलिस प्रशासन का ध्यान ही नहीं–
रात 9:00 बजे के बाद व्यक्तिगत रूप से लोग निकलते हैं तो यह वह लोग हैं जो कॉलोनियों में सैर करने के लिए निकलते हैं। सैर करने वाले लोग कॉलोनियों में रात 11:00 बजे तक भी घूमते दिखाई देते हैं लेकिन उस तरफ पुलिस प्रशासन का ध्यान नहीं जाता। मोहल्लों और कॉलोनियों में तो पिछले 2 महीनों के दौरान कोई भी पुलिसकर्मी दिखाई नहीं दिया, जो लोगों को यह कहने के लिए आया हो कि आप घरों में रहकर खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखें। पुलिस मुलाजिम भी सुबह सड़कों पर नाके लगाकर ही खड़े दिखाई देते हैं। गली मोहल्लों में पुलिस प्रशासन का कोई भी मुलाजिम दिखाई तक नहीं देता। इसलिए पंजाब सरकार को चाहिए कि वह ऐसे कड़े फैसले लें जिससे पंजाब के लोगों को कोरोना से बचाया जा सके और पुलिस प्रशासन को भी चाहिए कि वह गली मोहल्लों में पीसीआर की गश्त लगाए ताकि बिना वजह घरों से बाहर निकलने वाले लोगों पर भी नकेल कसी जा सके।



