*👉🏻 सरकार का एक और कारनामा* *👉🏻 विधायकों के मोबाइल भत्ते सरकार को दिखाई नहीं देते,सारा दिन ऑन लाइन पढ़ाई कराने वाले अध्यापकों के मोबाइल भत्ते काटे* *👉🏻 अध्यापकों में सरकार के खिलाफ रोष, पढ़ें पूरी खबर सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
जालंधर, 30 जुलाई 2020-(प्रदीप भल्ला)- लॉकडाउन के दौरान अलग-अलग जगहों पर ड्यूटी निभाने के अलावा सारा दिन ऑनलाइन स्टडी कराने वाले अध्यापकों पर सरकार ने एक बार फिर से गाज गिरा दी है। इस बार सरकार ने अध्यापकों के मोबाइल भत्ते काट लिए हैं। जिस कारण अध्यापकों में सरकार के खिलाफ रोष पैदा हो रहा है।
नाम ना छापने की शर्त पर कुछ अध्यापकों ने बताया कि वह सारा दिन मोबाइल के जरिए बच्चों को पढ़ाई करवा रहे हैं ताकि उनका साल बर्बाद ना हो और उनका भविष्य संवर सके। सारा दिन मोबाइल पर पढ़ाई करवाने के बावजूद सरकार ने इस बार उनका मोबाइल भत्ता काट लिया है जबकि विधायकों के मोटे मोबाइल भत्ते सरकार को दिखाई नहीं देते। अध्यापकों ने कहा कि सरकार हर महीने उन्हें ₹250 मोबाइल भत्ता देती थी लेकिन इस बार सरकार ने हर अध्यापक का ₹100 मोबाइल भत्ता काट लिया है। अगर देखा जाए तो सरकार को चाहिए था कि इस बार अध्यापकों का मोबाइल भत्ता बढ़ाया जाए, क्योंकि वह सारा दिन विद्यार्थियों को मोबाइल के जरिए ही पढ़ाई करवा रहे हैं। लेकिन इसके विपरीत सरकार ने भत्ता बढ़ाने की बजाय उनका मोबाइल भत्ता सौ रुपए काट लिया। वहीं अगर देखा जाए तो विधायकों को हजारों रुपए मोबाइल भत्ता दिया जाता है जिससे सरकार पर काफी बोझ पड़ता है लेकिन सरकार को यह दिखाई नहीं देता। उल्टा सारा दिन मोबाइल पर पढ़ाई करवाने वाले अध्यापकों का ढ़ाई सौ रुपए मोबाइल भत्ता भी सरकार को चुभ रहा है। यही खबर पूरे पंजाब के अध्यापकों में चर्चा का विषय बनी हुई है और इसी मामले को लेकर सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ अलग-अलग तरह के जोक्स भी वायरल हो रहे हैं।


