अब Traffic Police सम्मान के साथ बोलेगी, श्रीमान आपका चालान कर दिया गया है
मुंबई (हैडलाइन एक्सप्रेस ब्यूरो) यों तो आए दिन वाहन चालकों के साथ यातायात पुलिस द्वारा की जाने वाली अशोभनीय कार्रवाई की घटनाएं सामने आती रहती हैं, लेकिन अब वो दिन चले गए। मुंबई में अगली बार किसी भी व्यक्ति को यातायात नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी बेहद शालीनता और अदब से सर या मैडम या फिर श्रीमान या श्रीमती जी कहते नजर आएंगे। इस संबंध में एक सर्कुलर जारी किया गया है।
मायानगरी मुंबई में हाल ही में नियुक्त संयुक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) यशश्वी यादव ने एक सर्कुलर जारी किया है। इस सर्कुलर में कहा गया है कि अब से यातायात पुलिस की शिष्टता अनिवार्य होगी। उन्होंने कहा, “हम कानून के मुताबिक यातायात उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना करेंगे, लेकिन विनम्रता के साथ। मैंने अपने कर्मियों से नागरिकों को ‘सर’, ‘मैडम’ या ‘श्रीमान’, ‘श्रीमती’ के रूप में संबोधित करने के लिए कहा है।”
यादव ने कहा, “वाहन चालकों और यातायात पुलिस के बीच बहुत सारे झगड़े होते हैं। हमने यह भी देखा है कि इस तरह के झगड़े के पीछे अशिष्टता ही कारण है और ज्यादातर लोग पुलिस से सामना करने से नफरत करते हैं। यह सर्कुलर पुलिस और आम आदमी के बीच एक सम्मानजनक बंधन का निर्माण करेगा।”
उन्होंने आगे कहा, “एक व्यक्ति को आम तौर पर उन यातायात नियमों के बारे में पता होता है जिसका उसने उल्लंघन किया है। लेकिन अगर इस पर विनम्रता से काम किया जाता है, तो व्यक्ति भविष्य में इसे दोहराने से पहले निश्चित रूप से सोचेगा। हमने सोचा कि विनम्रता और शिष्टता से बात करना पुलिसकर्मियों और नागरिकों के बीच बेहतर संवाद के लिए बहुत मददगार होगा।”
यादव ने कहा, “ट्रैफिक पुलिस को बात करने के दौरान अपना सुर बदलने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा और उसके बाद अगर उनमें से कोई भी किसी के साथ अभद्रता से बात करता हुआ दिखाई देगा, तो उसे प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।”
बता दें कि ट्रैफिक डिवीजन में 3,000 से अधिक पुलिसकर्मी हैं और लगभग 2,500 ट्रैफिक पुलिसकर्मी सड़क पर लोगों के साथ बातचीत करते हैं। इससे पहले 2006 में ठाणे के तत्कालीन पुलिस आयुक्त डी शिवनंदन द्वारा इसी की तरह एक सर्कुलर जारी किया गया था।

