*👉🏻 स्वयंभू पत्रकारों की एसोसिएशन के पदाधिकारियों की होशियारपुर में हुई छित्तर परेड, ब्लैकमेलिंग करने के लिए जालंधर से गए थे होशियारपुर* *👉🏻 माफीनामा लिखकर छुड़वाई अपनी जान, दोबारा ना आने का भी दिया आश्वासन* *👉🏻 पढ़ें पूरी खबर सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
होशियारपुर, 24 फरवरी 2021-(एच.ई)-जालंधर से होशियारपुर ब्लैक मेलिंग के इरादे से पहुंचे स्वयंभू पत्रकारों की जमकर छित्तर परेड हुई और मामला पुलिस के उच्च अधिकारियों तक भी पहुंच गया। मामला बढ़ता देख स्वयंभू पत्रकारों ने माफीनामा लिखकर और दोबारा से उक्त क्षेत्र में ना आने का भरोसा दिला कर अपनी जान छुड़वाई। यह मामला जालंधर और होशियारपुर में जंगल में आग की तरह फैल चुका है।
जानकारी के मुताबिक जालंधर के स्वयंभू पत्रकार जो कि अपने द्वारा ही बनाई गई एक संस्था के पदाधिकारी भी हैं, होशियारपुर में माइनिंग का काम होने की सूचना पर वहां पर पहुंच गए और जो लोग माइनिंग कर रहे थे उन पर दबाव डालने लगे कि वह अवैध रूप से माइनिंग कर रहे हैं, लेकिन माइनिंग कर रहे लोगों ने परमिट लिया हुआ था जिसके बारे में स्वंयभू पत्रकारों को जानकारी नहीं थी।
जिसके बाद उक्त लोगों ने जालंधर से पहुंचे स्वयंभू पत्रकारों को काबू कर लिया और अपनी पहचान वाले होशियारपुर के पत्रकारों को भी मौके पर बुला लिया। जिसके बाद जालंधर से ब्लैक मेलिंग करने के लिए पहुंचे स्वयंभू पत्रकारों की पोल खुल गई और उन्होंने माना कि वह इन लोगों से ₹5000 पहले भी ले चुके हैं और आज भी ब्लैक मेलिंग के इरादे से ही आए थे। मामला बढ़ा तो पुलिस के उच्च अधिकारियों तक भी पहुंच गया। जिसके बाद जालंधर के स्वयंभू पत्रकारों ने सभी लोगों से हाथ जोड़कर माफी मांगी और माफीनामा लिखकर अपनी जान छुड़वाई। इतना ही नहीं जालंधर के स्वयंभू पत्रकारों ने जो ₹5000 लिए थे वह भी वापिस देने का कहा। ऐसे ही स्वयंभू ब्लैकमेलर पत्रकारों के कारण पत्रकार बिरादरी बदनाम होती जा रही है। जालंधर में चल रही पत्रकारों की दो बड़ी संस्थाओं के अध्यक्ष महोदय को चाहिए कि वह स्वयंभू पत्रकारों पर नकेल कसे और उन्हें अपनी संस्थाओं से दूर ही रखें।
— “पी” नाम का खुद को वरिष्ठ पत्रकार कहने वाला और एक “डी.एल” नाम का मोटा स्वयंभू पत्रकार पहले भी ब्लैक मेलिंग के कारण आ चुके हैं चर्चा में–
जिन स्वयंभू पत्रकारों की होशियारपुर में सेवा हुई है वह जालंधर में पहले भी ब्लैक मेलिंग के कारण चर्चा में आ चुके हैं और कई बार लिखित में माफीनामा देकर अपनी जान छुड़ा चुके हैं। भारी वजन वाले स्वयंभू पत्रकार की जालंधर के एक थाने में माफीनामा लिखते हुए की फोटो भी वायरल हो चुकी है। इतना ही नहीं जालंधर के फ्लैटों में इन लोगों की अपने ही साथियों के साथ मारपीट भी हुई थी जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया था। वह मामला भी काफी चर्चा में रहा था।
–गाड़ियों में जाते हैं ब्लैक मेलिंग करने के लिए ताकि लोगों पर प्रभाव पड़े–
यह लोग जिस स्थान पर ब्लैक मेलिंग के लिए जाते हैं तो वहां पर अपनी गाड़ी में सवार होकर निकलते हैं ताकि सामने वाले पर प्रभाव पड़ सके और उसे पता ना चले कि यह लोग कौन हैं। ऐसे कितने ही मामले चर्चा में रह चुके हैं जिसके कारण उनकी पोल कई बार खुली है।


