*👉🏻 शिक्षा विभाग ने स्कूल बंद के आदेश जारी कर लोगों को बनाया बेवकूफ* *👉🏻 सोमवार से शुरू हो रहे हैं सभी क्लासों के पेपर* *👉🏻 पढ़ें पूरी खबर सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
जालंधर, 12 मार्च 2021-(एच.ई)-पंजाब में कोरोना के बढ़ते मरीजों और स्कूली बच्चों के अभिभावकों के विरोध को देखते हुए शिक्षा विभाग ने आज दसवीं बारहवीं की क्लासों के विद्यार्थियों को छोड़कर बाकी स्कूलों को बंद करने के आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों में साथ ही यह भी लिखा गया है कि एग्जाम ऑफलाइन ही होंगे।
इन आदेशों को देखकर तो अभिभावकों के मन में खुशी की लहर दौड़ी होगी कि आखिरकार सरकार ने कोरोना के बढ़ते केसों को देखते हुए स्कूलों को बंद करने के आदेश जारी किए हैं,
लेकिन आज शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए यह आदेश लोगों को सिर्फ बेवकूफ बनाने के लिए ही है, क्योंकि सोमवार 15 मार्च से सभी क्लासों के पेपर शुरू हो रहे हैं। छठी, सातवीं और नौवीं क्लास के पेपर 15 मार्च से शुरू है। पहली और दूसरी क्लास के पेपर 17 मार्च से शुरू हैं जबकि बोर्ड की क्लास के पेपर भी 15 मार्च से शुरू है। अब देखा जाए तो सभी क्लासों के पेपर 15 मार्च से शुरू हुई हो गए हैं तो कौन से स्कूल बंद रखने के आदेश सरकार ने जारी कर दिए हैं।
–पेपरों में भीड़भाड़ न होने और कोविड-19 गाइडलाइन की पालना के भी आदेश जारी किए हैं–
शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए आज के आदेशों में लिखा गया है कि पेपरों के दौरान स्कूल में भीड़भाड़ ना हो और कोविड-19 गाइडलाइन की पालना की जाए। अब 15 मार्च से सभी क्लासों के पेपर शुरू हैं तो उन क्लासों के विद्यार्थी स्कूल में पेपर देने के लिए तो आएंगे ही, इसीलिए स्कूल में भीड़ होना लाजमी है। रही बात कोविड-19 गाइडलाइन की पालना की तो वह तो राम भरोसे ही है। क्योंकि थोड़े दिनों में ही बड़ी गिनती में स्कूली विद्यार्थी कोरोना की चपेट में आ चुके हैं।
अगर स्कूलों द्वारा कोविड-19 गाइडलाइन की पालना की गई होती और विद्यार्थियों को मास्क पहनने और सामाजिक दूरी के लिए प्रेरित किया होता तो बच्चे कोरोना की चपेट में आते ही नहीं। आज के आदेश जारी करके शिक्षा विभाग लोगों को सिर्फ बेवकूफ बना रहा है।



